महिला द्वारा बच्चे को ज़िन्दा दफ़नाने की ख़बर पूरी तरह से तथ्यहीन व निराधार

महिला के सम्बन्ध में जिला पूर्ति अधिकारी एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी और तहसील से आख्या प्राप्त की गयी है - जिला प्रोवेशन अधिकारी

जिला प्रोवेशन अधिकारी सुशील कुमार सिंह ने बताया है कि विगत 30 जून को एक चैनल पर प्रकाशित खबर लोनार थानान्तर्गत सकरौली ग्राम में एक महिला ने अपने बच्चे को जिन्दा दफन करने का प्रयास किया। इस सम्बन्ध में 30 जून को प्रातः 09.00 बजे चाइल्ड लाइन को सूचना मिली कि ग्राम सकरौली में एक महिला द्वारा अपनी जिन्दा बच्ची को दफनाने का प्रयास किया गया है। इस सम्बन्ध में टीम द्वारा मौके पर पहुॅचकर बच्ची को रेस्क्यू कर एन0आर0सी0 में भर्ती करा दिया गया। माता तथा बच्ची पहले से ही स्वस्थ्य है। शीघ्र ही वनस्टॉप सेण्टर में काउंसलर द्वारा महिला की काउसिंलिंग करा दी जायेगी तथा प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता की जायेगी।

इस सम्बन्ध में जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी एवं जिलाकार्यक्रम अधिकारी और तहसील से आख्या प्राप्त की गयी है कि मौके पर ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि पति की मृत्यु के बाद से ही महिला की मानसिक स्थिति ठीक नही है। उसके पास जो 9-10 बीघा जमीन है उसको उसने बटाई दे रखी है। विभागीय साइट व कोटेदार द्वारा दी गयी जानकारी में पता चला है कि राजकुमारी पत्नी स्व0 भगवानदीन के नाम पर पात्र गृहस्थी योजना का कार्ड है। जिस पर 16 मार्च व 06 अप्रैल को ई-पाश मशीन पर अंगूठा लगाकर राशन वितरित किया गया।

कोटेदार ने बताया है कि बाद में अक्सर राशन वितरण के समय दुकान पर न आने के कारण खाद्यान्न का वितरण नही किया जा सका है। संतानों के आधार कार्ड न होने के कारण उनके नाम कार्ड में दर्ज नही है। इसी सम्बन्ध में जिला कार्यक्रम अधिकारी ने अवगत कराया है कि महिला को आंगनबाड़ी केन्द्र से सूखा राशन मिलता है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री मंजू देवी एवं महिला स्वयं सहायता समूह के स्तर से मार्च में राशन पैकेट उपलब्ध कराया गया। इसके बाद मई व जून में भी राशन पैकेट उपलब्ध कराया गया है।

तहसील शाहाबाद से प्राप्त आख्या के अनुसार महिला के पति के नाम पर 2.2100 हेक्टेयर जमीन दर्ज है। जिसकी सहखातेदार राजकुमारी है। इस सम्बन्ध में बताना है कि मीडिया में चल रही भूख के कारण बच्ची को जिन्दा दफनाने वाली खबर पूरी तरह से तथ्यहीन व निराधार है। जहाँ तक एन0आर0सी0 में कुपोषित बच्ची को ससमय भर्ती न कराये जाने का मामला है। इस सम्बन्ध में सम्बन्धित सीडीपीओ से स्पष्टीकरण माँगा गया है।