गोरखपुर के ‘डी० एम०’ कहाँ हैं?

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
(प्रख्यात भाषाविद्-समीक्षक)

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डे-


इस समय गोरखपुर (उत्तरप्रदेश) में बहुत अधिक ठण्ढक है; विद्यालय के बच्चे ठण्ढ से ठिठुरते हुए, विद्यालय जाते हैं और घर आते हैं। कोहरा/ कुहासा के कारण उन्हें आवागमन के रास्ते नहीं सूझते। इतना सब घटने और दिखने के बाद भी गोरखपुर के डी०एम० महोदय अभी तक मौन बने हुए हैं, जबकि पिछले वर्षों में अब तक विद्यालयों में अवकाश कराने का आदेश ज़िलाधिकारियों की ओर से जारी हो जाया करता था।
हमारे ‘मुक्त मीडिया’ के विश्वसनीय स्रोत से ज्ञात हुआ है कि निकट भविष्य में गोरखपुर-प्रशासन की ओर से ‘गोरखपुर महोत्सव’ का आयोजन होनेवाला है, जिसमें वहाँ के विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी रहेगी, इसीलिए गोरखपुर के ज़िलाधिकारी कड़ाके की ठण्ढक के बाद भी विद्यालयों में अवकाश कराने का आदेश जारी नहीं कर रहे हैं और महोत्सव के नाम पर बच्चों की बलि चढ़ाने पर आमादा हैं। ऐसा लगता है कि गोरखपुर-प्रशासन ‘गोरखपुर-महोत्सव’ के नाम पर नन्हे-मुन्ने-सहित सभी विद्यार्थियों और अध्यापकों के जीवन के साथ घटिया मज़ाक करने पर उतारू है। यदि विद्यार्थी ठण्ढ के शिकार हुए तो गोरखपुर के ज़िलाधिकारी की मुसीबतें बढ़ सकती हैं।