मौसम की अनुकूलता के कारण आलू की फसल में पिछैता-झुलसा बीमारी की संभावना

केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम, मेरठ ने पिछले वर्षों की भांति इस वर्ष भी नवीन विकसित ब्लाइट कास्ट (पैन इंडिया मॉडल) से पिछैता-झुलसा बीमारी का पूर्वानुमान लगाया है। मौसम की अनुकूलता के कारण आलू की फसल में पिछैता-झुलसा बीमारी की संभावना व्यक्त की गई है।

उद्यान विभाग के निदेशक एसपी जोशी ने बताया कि जिन किसान भाइयों ने अभी तक आलू की फसल में फफूदनाशक दवा का पत्तियों पर झिड़काव नहीं किया है या जिन किसानों की आलू की फसल में पिछैता-झुलसा बीमारी प्रकट नहीं हुई है। उन सभी किसान भाइयों को सलाह दी जाती है कि वे मैन्कोजेब/प्रोपीनेब/क्लोरो थेलोनील युक्त फफूदनाशक दवा का ऐसी आलू की प्रजातियों पर छिड़काव करें जो जल्दी से बीमारी की चपेट मे आ जाते हैं। दो से ढाई किलोग्राम दवा 1000 लीटर में घोल कर प्रति हेक्टेयर छिड़काव कराना जरुरी है।