सिरफिरे प्रधानाचार्य ने छात्रा की टीसी पर लिखा चरित्र झगड़ालू

छात्रा की टीसी पर चरित्र झगड़ालू लिखने का मामला…
एडीएम ने कहा झगड़ालू लिखने वाले स्कूल की मान्यता होगी निरस्त
-एडीएम ने दूसरे स्कूल को उत्तम चरित्र बताकर दाखिले के दिये आदेश-प्रभारी बीएसए बोले मामला निहायत गलत कार्यवाई होगी


                हरदोई– बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को धता बता रहे एक विद्यालय के प्रधानाचार्य ने छात्रा का कहीं दूसरी जगह प्रवेश न हो इसलिए टीसी में चरित्र झगड़ालू दर्ज कर दिया है।
             नर्सरी से कक्षा आठ तक एक ही विद्यालय में पढ़ी छात्रा की टीसी पर झगड़ालू प्रवृत्ति का आचरण लिखकर उसके भवष्यि के साथ खिलवाड़ करने का मामला चर्चा का विषय बन गया है। अब प्रवेश के लिए उसके अभिभावक इधर-उधर भटक रहे हैं।मामले में एडीएम ने स्कूल की मान्यता निरस्त करने के साथ ही दूसरे स्कूल को उत्तम चरित्र लिखकर दाखिला करने के आदेश दिए है।हालांकि प्रभारी बीएसए आरपी त्रिपाठी ने कहाकि मामला संज्ञान में आया है और मामला गम्भीर व गलत है कार्यवाई की जाएगी।
          मामला हरदोई के बेनीगंज का है।यहां के सिकन्दरपुर गांव के निवासी बाबूराम ने अपनी पोती शिखा का दाखिला तारादेवी बालिका पूर्व माध्यमिक विद्यालय नई बाजार बेनीगंज (सिटी पब्लिक स्कूल) में नर्सरी कक्षा में कराया था। कक्षा 8 तक लगातार उसकी पढ़ाई इसी विद्यालय में हुई। पिता की मृत्यु के बाद बाबा पोती की पढ़ाई की व्यवस्था कर रहे थे। शिक्षा व्यवस्था ठीक न होने और फीस ज्यादा होने से अपनी पौत्री शिखा का दाखिला कक्षा 9 में गांधी इंटर कालेज में कराने का निर्णय लिया। छात्रा के बाबा ने बताया कि प्रधानाचार्य देवेंद्र छात्रा पर आगे की पढ़ाई अपने विद्यालय में कराने का दबाव बना रहे थे। परिजन आगे की पढ़ाई दूसरे स्कूल में कराना चाहते थे।
          इस पर दो सप्ताह तक टीसी देने के नाम पर आनाकानी कर भटकाया गया। काफी ज़द्दोज़हद के बाद प्रधानाचार्य देवेंद्र ने टीसी तो दी लेकिन चरित्र के कालम में झगडालू प्रवृत्ति अंकित कर दिया। सवाल उठाने पर उन्हें फटकार का सामना करना पड़ा। अभिभावक (बाबा) का विद्यालय के प्रधानाचार्य व प्रबंधक पर आरोप है कि उसकी पौत्री लगातार कई वर्ष इसी विद्यालय में पढ़ती रही, तब झगडालू प्रवृत्ति की नहीं थी। स्कूल से कोई शिकायत भी नहीं की गई। नोटिस भी नहीं दिया गया। यदि छात्रा झगडालू थी तो प्रधानाचार्य ने छात्रा को इस अंतराल में विद्यालय से निष्कासित क्यों नहीं किया।
            पीड़ित छात्रा के बाबा ने इस मामले की शिकायत भी दर्ज कराई है। पौत्री के चरित्र के कालम में झगड़ालू प्रवृत्ति का लिखने वाले प्रधानाचार्य की जांच कराकर दूषित मानसिकता वाले शिक्षक को दंडित किए जाने की मांग डीएम से की है। हालांकि इस मामले में एडीएम विमल अग्रवाल ने छात्रा की शिकायती पत्र पर उत्तम चरित्र अंकित कर गांधी इंटर कालेज के प्राचार्य को दाखिला लेने के आदेश जारी किए है। एडीएम ने बताया कि विद्यालय की मान्यता निरस्त करने की कार्यवाई की जाएगी। वहीं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आरपी त्रिपाठी का कहना है कि मामला गम्भीर है कार्यवाई की जाएगी।