गैंगरेप पीड़िता के परिजनों ने लगाया पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप

                     बीती 31 जनवरी की शाम कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम बहर में भाई के साथ शौच को जा रही एक 16 साल की नाबालिग दिव्यांग लड़की के साथ गांव के ही दो आरोपियों ने गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया था । जिसके बाद पीड़िता ने परिजनों के साथ कोतवाली पंहुचकर दोनों आरोपियों अटवा असिगांव निवासी लालू व माया पुत्र मिट्ठू पर बलात्कार की धारा में मुकदमा दर्ज कराया था । पुलिस ने मुकदमा दर्ज होने के बाद गैंगरेप पीड़िता को पुलिस अभिरक्षा में डॉक्टरी परीक्षण के लिये जिला महिला अस्पताल पंहुचाया था । अब इसमें नया मोड़ आ गया है।
                    गैंगरेप की घटना के संदर्भ में जानकारी देते हुए पीड़िता के पिता ने बताया कि उसकी पुत्री के साथ घटित हुई घटना के बाद से लगातार पुलिस द्वारा उन पर जोर जबर्दस्ती कर घटना के दोनों आरोपियों में से एक आरोपी माया का नाम निकालने का दबाव बनाया जा रहा है । पीड़िता के पिता ने आगे कहा कि घटना के बाद से लगातार आरोपियों के रिश्तेदार उसके घर आकर व रास्ते मे रोककर जान से मार देने के धमकी दे रहे हैं । पीड़िता की माँ ने कहा कि घटना की रात जब उसकी बेटी को डॉक्टरी परीक्षण के लिए जिला महिला अस्पताल ले जाया गया था तब डॉक्टरी परीक्षण करने वाले अधिकारी ने उनसे 500 रुपये की मांग की और जब उन्होंने इसमे असमर्थता जाहिर की तो उन लोगों ने पीड़िता को अंदर कमरे में बंद कर लिया । पीड़िता की माँ ने आगे कहा कि डॉक्टरी परीक्षण के दौरान कई बार उसकी बेटी से यूरिन कराने के बाद परीक्षण किया गया । इस दौरान जिला महिला अस्पताल के कर्मचारियों ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया । इस संदर्भ में जब देहात कोतवाल आनंद नारायण त्रिपाठी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पीड़िता की जानकारी के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है । उन्होंने कहा कि पीड़िता की डॉक्टरी रिपोर्ट में बलात्कार की पुष्टि नहीं हुई है और अब पीड़िता के कोर्ट में 164 के तहत होने वाले बयान के आधार पर दोषियों पर कार्यवाही की जाएगी ।