राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’
नगर पञ्चायत कुरसठ के नगर पञ्चायत कार्यालय मे प्रधान लिपिक प्रताप नारायण द्विवेदी की सेवानिवृत्ति का कार्यक्रम धूमधाम से मनाया गया। श्री द्विवेदी द्वारा कार्यालय को अनवरत् 36 वर्षों तक दी गयी सेवा को साथियों व सहकर्मियों द्वारा मुक्त कण्ठ से सराहा गया।
नगर पञ्चायत कार्यालय को नववधू की तरह सजाकर श्री द्विवेदी के सेवाकाल के अन्तिम दिवस को यादगार बना के सभी इन्तज़ाम किये गये। ढोल-नगाड़े और गाजे-बाजे के बीच सहकर्मियों, स्वजनों व नगर पार्षदों के अभिनन्दन व आशीर्वचनों के साथ श्री द्विवेदी को अधिशासी अधिकारी देवांशी दीक्षित द्वारा कार्यमुक्त किया गया। इस अवसर पर नगर पञ्चायत अध्यक्षा कल्पना देवी व उनकी पुत्री के साथ वरिष्ठ लिपिक प्रताप नारायण द्विवेदी का पूरा परिवार व इष्ट-मित्र उपस्थित रहे।
कार्यक्रम अध्यक्षता चेयरपर्सन कल्पना जी ने की। मुख्य-अतिथि के रूप मे श्री द्विवेदी की पत्नी प्रमिला द्विवेदी, ज्येष्ठ पुत्र रामजी द्विवेदी के साथ कनिष्ठ पुत्र शिवम द्विवेदी, भाई प्रकाश नारायण द्विवेदी, भतीजे आनंद द्विवेदी, आलोक द्विवेदी, प्रियांशु द्विवेदी, हिमांशु द्विवेदी की गौरवपूर्ण उपस्थित से कार्यक्रम मे चार-चाँद लग गये। विशिष्ट अतिथि के रूप मे ओमप्रकाश शुक्ल, से०नि० वरिष्ठ लिपिक मौजूद रहे। विदाई-दिवस पर एक छोटी सी सभा कर उपस्थित गण्यमान्यों द्वारा श्री द्विवेदी के व्यक्तित्व व सेवाकाल के विषय मे चर्चा की गयी। इस अवसर पर उनके जीवन के चतुर्थ चरण के खुशगवार होने की कामना की गयी। नगर के सभासदों व सहकर्मियों ने पुष्पगुच्छ, माला, उपहार व प्रतीकचिह्न देकर सम्मानित किया।
नगर पंचायत कुरसठ की अध्यक्षा कल्पना देवी ने अपने सम्बोधन मे कहा कि श्री द्विवेदी से उन्हें पितृवत स्नेह मिला और वह भी उन्हें पितातुल्य ही मानती हैं।
अधिशासी अधिकारी देवांशी दीक्षित ने कहा कि श्री द्विवेदी ने बेहद जिम्मेदारी व निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया है। उनकी निष्ठा हमे सदैव स्मरण रहेगी। हमे इस बात का दुःख है कि उनके अगाध अनुभव से हम वञ्चित रहेंगे। इस भावनाप्रधान अवसर पर द्विवेदी जी के ज्येष्ठ पुत्र राजस्व निरीक्षक रामजी द्विवेदी ने पिता के महत्त्व को दर्शाती मनोज मुंतशिर की एक कविता भी पढ़ी, जिससे माहौल गम्भीर व भावपूर्ण हो गया। प्रताप नारायण जी के भतीजे व पी०बी०आर० इण्टर कॉलेज तेरवा गौसगंज मे कार्यरत अध्यापक आनन्द द्विवेदी ने कहा कि चाचाजी ने सदैव व्यक्तिगत स्वार्थों से ऊपर उठकर कार्य किया है। उन्होंने सदैव अपने दायित्वों को प्राथमिकता दी है। आनन्द जी ने अपने चाचा के फेयरवेल कार्यक्रम के अनूठे आयोजन हेतु नगर पञ्चायत कार्यालय के पूरे स्टाफ की भी भूरि-भूरि प्रशंसा की। सभी स्वजनों ने श्री द्विवेदी के स्वस्थ व मस्त रहने की कामना की। कार्यक्रम का संचालन नगर पञ्चायत कार्यालय के कम्यूटर ऑपरेट विपिन मिश्राने किया।
इस मौक़े पर प्रताप नारायण द्विवेदी (प्रधान लिपिक), उनकी पत्नी प्रमिला, प्रकाश नारायण द्विवेदी, गिरिजाशंकर द्विवेदी, आनन्द द्विवेदी, आलोक द्विवेदी, रामजी द्विवेदी, प्रियांशु द्विवेदी, शिवम द्विवेदी, हिमांशु द्विवेदी, हिमांशु त्रिपाठी व सभी कर्मचारी एवं सभासद मौजूद रहे।