आवारा पशुओं से निजात के लिये प्रत्येक ग्राम पंचायत में 20 से 30 पशुओं का अस्थायी पशुबाड़ा तैयार कराया जा रहा

जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने बताया है कि हरदोई जनपद मे कुल 109 गोसंरक्षण केन्द्रों मे 13 हजार और सहभागिता योजना के अन्तर्गत 3 हजार पशुओं को संरक्षित किया जा चुका है। इस प्रकार कुल 16 हजार पशुओं को संरक्षित किया गया है। इसके अलावा जहाँ से भी छुट्टा पशुओं की शिकायत आती है वहाँ एक टीम बनाकर उनको पकड़कर सम्बन्धित गोआश्रय स्थलों पर भेजा जाता है।

आवारा पशुओं से निजात के लिये प्रत्येक ग्राम पंचायत में 20 से 30 पशुओं का अस्थायी पशुबाड़ा तैयार कराया जा रहा

मुख्य सचिव द्वारा निर्देश दिये गये है कि 10 दिन के अन्दर अभियान चलाकर छुट्टा पशुओं को पकड़कर गोआश्रय स्थल पहुँचाया जाये, जिससे कोई भी छुट्टा पशु सड़कों पर ना दिखाई पड़े। इसके लिए जिला स्तर पर एक कार्ययोजना बनायी गयी है जिसके अन्तर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक 20 से 30 पशुओं का पशुबाड़ा अस्थायी रूप से तैयार कर लिया जाये। जिसमे तिरपाल, चारा पानी तथा दवाओं आदि की पर्याप्त व्यवस्था हो। इसके अतिरिक्त वर्तमान मे क्रियाशील गोआश्रय स्थलों मे 50 अतिरिक्त पशुओं के लिए टीन शेड तैयार कराये जा रहे हैं, जहाँ पर ग्रामपंचायतों में संरक्षित पशुओं को शिफ्ट करा दिया जायेगा। इस प्रकार 10 दिन के अन्दर 5 हजार अतिरिक्त पशुओं को संरक्षित करने की कार्य योजना प्रशासन द्वारा तैयार करली गयी है। इसमे ग्रामीणों का पूरा सहयोग प्राप्त हो रहा है।

पिछले दो-तीन दिन के अन्दर लगभग 300 पशुओं को ग्रामीणों से प्राप्त सूचना के आधार पर संरक्षित किया जा चुका है। लोग को इस सम्बन्ध मे अवगत कराने के लिए आज सम्बन्धित बी०डी०ओ०, सेक्रेटरी और ग्राम प्रधानों की बैठक करायी गयी तथा कल किसान संगठनों के साथ बैठक की जा रही है, जिसमे कार्य योजना के सम्बन्ध मे उनकों अवगत कराया जायेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि किसानो के सहयोग से हम समस्या से निजात पा सकेंगे। अतः इस अभियान में प्रशासन का सहयोग करे।