जम्मू-कश्मीर में ‘राज्यपाल-शासन’ लागू होने की पूर्ण सम्भावना

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
(प्रख्यात भाषाविद्-समीक्षक)

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय


जम्मू-कश्मीर में ‘राज्यपाल-शासन’ लागू होने की पूर्ण सम्भावना बन चुकी है। वहाँ के राज्यपाल बोहरा का भी कार्यकाल बढ़ा दिया गया है। जम्मू-कश्मीर राज्य में उसका स्वतन्त्र संविधान है; उसका अपना ध्वज है और विशेषाधिकार भी, इसलिए वहाँ के राज्यपाल राष्ट्रपति के साथ विधिक परामर्श करते हैं, फिर ‘अनुच्छेद ९२’ के अन्तर्गत छ: माह के लिए ‘राज्यपाल-शासन’ लागू होता है। छ: माह के भीतर यदि संवैधानिक व्यवस्था अनुकूल नहीं दिखती तो ‘अनुच्छेद ३५६’ के अन्तर्गत छ: माह के लिए ‘राष्ट्रपति-शासन’ लागू कर दिया जाता है। उसके बाद अनुकूल समय देखकर वहाँ लोकतन्त्रीय प्रणाली के आधार पर चुनाव कराकर,नयी सरकार गठित करायी जाती है और इस प्रकार सरकार क्रियाशील होती है। बहरहाल वहाँ की स्थिति अत्यन्त विस्फोटक है।