बेशर्मी : जहाँ स्कूल का गेट वहीं बना शौचालय

स्वच्छता मिशन पर भाजपा की केंद्र सरकार व प्रदेश की सरकारें हजारों करोड़ रुपए पानी की तरह बहा रही हैं । लेकिन दुर्भाग्य जिम्मेदार गन्दी मानसिकता से बाहर ही नहीं आ पा रहे हैं । हरदोई शहर के बीचो-बीच स्थित कन्या प्राथमिक विद्यालय बहरा सौदागर के मुख्य द्वार की हालत शौचालय जैसी हो गयी है । ऐसा भी नहीं है कि जिम्मेदार जानते नहीं ! आज विद्यालय परिसर में मुख्य विकास अधिकारी व बेसिक शिक्षा अधिकारी की मौजूदगी में विकलांग बच्चों को उपकरण वितरित किए जाने थे । इसी लिए समाज के कुछ जागरूक लोग भी इस कार्यक्रम को देखने गए थे । गेट पर पहुंचते ही गेट के बाहर की दशा देख उन लोगों ने अपने कैमरे में कुछ ऐसी तस्वीरें निकाली जो विद्यालयों के स्वच्छ वातावरण की भयावहता को दिखाने के लिए पर्याप्त हैं ।

सोचने वाली बात है कि जब शहरों का यह हाल है तो ग्रामीण क्षेत्रों का क्या होगा ?सच्चाई किसी से छिपी नहीं है ? परंतु प्रशासन आंकड़ों की बाजीगरी में मशगूल है। ज्यादातर विभाग आंकड़ों के खेल से चल रहे हैं और आंकड़े सत्य है या असत्य इसकी जांच की कोई जरूरत नहीं है ! जनपद के तेज तर्रार जिलाधिकारी पुलकित खरे ने इस ओर कुछ कदम जरूर बढ़ाए हैं । मुख्य विकास अधिकारी व बेसिक शिक्षा अधिकारी की मौजूदगी में विद्यालय के गेट पर गंदगी का अंबार और खुले में शौच शिक्षा विभाग के साथ-साथ ओडीएफ मिशन और स्वच्छ भारत मिशन के मुंह पर जोरदार तमाचा है ।