बदायूं– शिक्षा विभाग के आला अफसरों की अनदेखी तथा लापरवाही के चलते नगर समेत समूचे इलाके में कुकरमुत्ते की तरह संचालित हो रहे अवैध स्कूल जहां शासनादेश का मख़ौल बना रहे हैं वहीं इससे बच्चों के भविष्य से भी खिलवाड़ किया जा रहा है । जिसकी वजह से अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर व्यापक चर्चा है । अभिभावकों ने डीएम से इस ओर ध्यान देकर अवैध विद्यालयों पर अंकुश लगाए जाने की मांग की है ।
शिक्षा महकमे के आला अफसरों की अनदेखी और लापरवाही के चलते नगर समेत ग्रामीण इलाके में अवैध स्कूल संचालित किए जा रहे है । विगत वर्ष सूबे की भाजपा सरकार ने इन अवैध स्कूलों को नोटिस देकर बंद कराने के लिए अभियान चलाया था । जिसके चलते अधिकतर स्कूलों पर ताला भी लग गया था । मगर नया सीजन शुरू होते ही कस्बे के अलावा देहात क्षेत्र में दर्जनों विद्यालय संचालित किए जा रहे है ।
सरकार अवैध स्कूलों के प्रति सख्त रुख अपनाकर बच्चों को अच्छी शिक्षा देने की कोशिश कर रही है । वहीं स्थानीय शिक्षाधिकारी सरकार के आदेशों की अनदेखी कर मनमानी कर रहे हैं । लापरवाही का आलम यह है कि मानकविहीन अवैध स्कूल चलाने वालों को भवन व स्टाफ़ समेत किसी भी चीज की कोई चिंता नहीं है और प्रशासन मूक दर्शक बना है । इधर अभिभावकों का आरोप है कि गली कूचों में संचालित हो रहे स्कूलों के संचालक मोटी कमीशन लेकर निर्धारित दुकान से ही कोर्स खरीदने को विवश कर रहे है । जिसकी नगर में व्यापक चर्चा है वहीं अभिभावकों में गहरा रोष है ।