डिब्रूगढ़:- अर्चना पांडेय, अर्चि दीदी व सभी गुणीजनों हिंददेश परिवार से जुड़कर मैं धन्य हुआ। एक संस्था जो पूरी सृष्टि को सुंदर और खुशहाल बनाने के लिए दृढसंकल्पित है, वो है हिंददेश परिवार। हिंददेश परिवार का सदस्य होना अपने आप में गौरव की बात है। जहाँ पर हर पशु-पक्षी, जीव-जंतु तथा प्राकृतिक संपदाओं की हिफाजत तथा संरक्षण के लिए साहित्य को माध्यम बनाया गया है।
आपने जब मुझे दिल्ली इकाई का अध्यक्ष बनाया और पटल का कार्य भार संभाला तो पटल पर बहुत ही ढीलापन महसूस हुआ था । मुझे जिम्मेदारी सौंपी गई तो मैंने अपने पदाधिकारियों के साथ मिलकर जबसे कार्य संभाला तबसे अब दिल्ली पटल गतिमान है ।
मेरे साहित्यकार साथियों ने मुझे पूर्ण सहयोग दिया है और मैं उनका आभारी हूँ खास तौर पर आ.कैलाश चंद साहू जी ने मुझे बहुत सहयोग दिया। साथ ही अर्चना दीदी और कुसुम दीदी आपके उत्साह वर्धन से मेरी कार्य क्षमता को बढ़ावा मिला है, मैं आप सभी का हृदय से आभार प्रकट करता हूँ ।
आगे भी मेरा प्रयास आने वाले सप्ताह में अलग अलग विषयों पर आयोजन जारी रहेगा। समय समय पर सदस्यों को सम्मान पत्र से सम्मानित भी किया जाता रहेगा। मैं विनोद शर्मा ‘विश’ दिल्ली पटल को जल्द ही और गतिमान बनाने के लिए नए आयोजन प्रतियोगिता के लिए विचार योजना बना रहा हूँ । जिससे दिल्ली इकाई का परचम आने वाले दिनों में और ऊँचा लहरायेगा।
आप सभी के सहयोग से दिल्ली पटल पर नित नए सदस्य जुड़ रहे हैं।और सभी बढ़चढ़कर अपनी रचनाओं से मंच को सजाते हैं।
मुझे आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि हिंददेश दिल्ली इकाई में सभी सदस्यों का स्नेह दुलार मिलता रहेगा। साथ ही आ. कुसुम शर्म ‘कमल’ दीदी के नेतृत्व में मुझे ज्ञान की नई रोशनी मिलती रहती हैं मेरा मार्गदर्शन मेरे अटक या भटक जाने पर सदैव करती हैं।उनका तहे दिल से आभार व नमन साथ आ. अर्चना अर्चि दीदी आपको भी हृदय से नमन मुझे इस योग्य समझा।