हिंददेश परिवार संस्कृत मंच इकाई द्वारा आयोजित संस्कृत गायन प्रतियोगिता सम्पन्न

राजेश पुरोहित, भवानीमंडी

डिब्रूगढ़ (असम):- जयतु संस्कृतम् जयतु भारतम् । एकता ही हमारी ताकत है और नम्रता ही हमारी पहचान देश की रक्षा करने का संकल्प , और हिंदी हमारी शान ।

ऐसी भावनाओं को में में लेकर समाज के लिए समर्पित एक विश्वव्यापी संस्था हिंददेश परिवार की संस्कृत मंच इकाई के द्वारा संस्कृत गायन प्रतियोगिता का आयोजन जो कि 15 दिवसीय था उसका समापन समारोह बड़े ही उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया । इस प्रतियोगिता का आयोजन हिंददेश परिवार जम्मू कश्मीर इकाई के अध्यक्ष आचार्य दीनदयाल शुक्ल जी के द्वारा किया गया था।

आचार्य श्री ने बताया कि संस्कृत भाषा देव भाषा है इस भाषा में हमारे सभी प्राचीन ग्रंथ वेद पुराण इत्यादि लिखे गए हैं संस्कृत भाषा कंप्यूटर के लिए बहुत ही उपयोगी भाषा है नासा के वैज्ञानिक भी संस्कृत भाषा पर अनेक शोध और रिसर्च कर रहे हैं। संस्कृत भाषा योग की भाषा, रामायण , महाभारत , गीता की भाषा है । इस भाषा को बोलने वाले व्यक्ति कभी बीमार नहीं होते क्योंकि संस्कृत देव भाषा और सभी भाषाओं की जननी है। यदि हम भारत के वास्तविक वांग्मय को जानना चाहते हैं तो हमें संस्कृत भाषा का संरक्षण और संवर्धन करना होगा इसी को ध्यान में रखते हुए इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर के हिस्सा लिया ।

हिंद देश परिवार उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष आदरणीय फूल सिंह कलसानिया जी ने इसमें प्रतिभाग किया तथा अन्य शताधिक प्रतिभागियों ने प्रतिभाग कर उत्तम उत्तम प्रस्तुतियां दी। इस अवसर पर अनेक ही संस्कृत प्रेमियों बच्चों महिलाओं युवा कवियों ने प्रतिभाग कर अपने उत्तम प्रस्तुतियों से श्रोताओं को और दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। प्रतिभागियों में बिहार प्रांत से वाणी वंदना एवं दिल्ली से अर्जुन नैयर तथा मुस्कान , उड़ीसा इकाई की अध्यक्ष ट्विंकल मोहंती और जम्मू कश्मीर से आर्य भारद्वाज , झारखंड से अमित झा , बिहार के सीतामढ़ी से सुभाष पाठक इत्यादि प्रतिभागियों ने इस प्रतिस्पर्धा में प्रतिभाग किया । हिंद देश संस्कृति मंच के अध्यक्ष विमल कुमार पांडे जी के द्वारा सभी प्रतिभागियों को ई प्रमाण पत्र वितरित किए गए । संस्था की अध्यक्षा डॉ. अर्चना पांडे इस मौके पर सभी प्रतिभागियों को बधाइयां और शुभकामनाएं दीं तथा प्रतिभागियों के उज्जवल भविष्य की कामनाएं किया ।और साथ ही यह बताया कि हिंद देश संस्कृति मंच पर इस प्रकार की संस्कृत से संबंधित पाक्षिक प्रतियोगिताएं हमेशा होती रहेंगी। अग्रिम चरण में श्रीमदभगवतगीता के श्लोक जिसका हिंदी अथवा संस्कृत भाषा में सुंदर सरल और स्पष्ट रूप से अर्थ के साथ विवेचन करते हुए , जो प्रतिभागी अपना नाम बोलकर इस प्रतिस्पर्धा में लाइव फेसबुक के माध्यम से अथवा वीडियो अपलोड करके, नहीं तो व्हाट्सएप द्वारा वीडियो प्रेषित करके प्रतिभाग कर सकते हैं, इस प्रतिस्पर्धा में देश-विदेश के बहुत सारे रचनाकार एवं सामाजिक लोग प्रतिभाग करेंगे।