कछौना (हरदोई): बेसिक शिक्षा विभाग एवं एचसीएल फाउंडेशन द्वारा ब्लॉक संसाधन केंद्र पर खंड शिक्षा संदर्भ केंद्र का मुख्य अतिथि एचसीएल समुदाय के डायरेक्टर आलोक वर्मा ने फीता काटकर उद्घाटन किया। इससे शिक्षकों व बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए लाइव क्लासेज के माध्यम से लर्निंग आउटकम नवाचार होगा। डिजिटल माध्यम से स्कूलों का माहौल बदलेगा।
मुख्य अतिथि डायरेक्टर आलोक वर्मा ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि सामाजिक प्रणाली में काफी बदलाव हो रहा है। बदलते परिवेश में हम कहीं पीछे ना रह जाएं इसलिए इस गैप का हम एचसीएल समुदाय संसाधन, अवसर व प्रशिक्षण के माध्यम से भरने का प्रयास कर रहे हैं। हम थोड़े से प्रयास से शिक्षक व बच्चे अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। ब्लॉक कछौना में परियोजना की शुरुआत 2015 से की गई। प्रोजेक्टर के माध्यम से प्राथमिक स्कूलों में एक छोटी सी शुरुआत की गई और अब धीरे-धीरे कछौना एक अच्छे प्रेरक के रूप में जिला, प्रदेश एवं देश में नाम रोशन करने के लिए अग्रसर है। हम कंधे से कंधा मिलाकर आपके साथ सदैव हैं। खंड शिक्षा अधिकारी के सुझाव ब्लॉक संसाधन केंद्र पर एक बेहतर समुदाय, पुस्तकालय व जूनियर हाईस्कूलों में भी संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रयास करेंगे।
राधेश्याम ने संबोधित करते हुए कहा कि पूरी टीम के सहयोग से मिशन प्रेरणा, खेलकूद, कला, राष्ट्रीय आय आधारित योग्यता परीक्षा, उत्कृष्ट अध्यापक, प्रबंध समिति के जागरूकता, बाल संसद, पुस्तकालय, भवन की गुणवत्ता में नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। जिससे जिले व मंडल स्तर में उत्कृष्ट स्थान पा रहे हैं। हम शिक्षकों को बेहतर करके नौनिहालों को बेहतर कर सुंदर देश बना रहे हैं। एचसीएल की तरफ से आशीष कुमार ने बताया कि एडवांस टेक्नोलॉजी विकसित कर बच्चों को एक बेहतर मंच उपलब्ध करा रहे हैं।
जिला समन्वयक राकेश शुक्ला ने संबोधित करते हुए कहा कि बड़े गर्व की बात है कि एचसीएल ने हमें चुना है। एचसीएल फाउंडेशन ने प्रोजेक्टर, खेलकूद सामग्री, किताबें, फर्नीचर, लैपटॉप आदि सुविधाएं मुहैया कराई हैं। एक अच्छे पार्टनर के रूप में एचसीएल कार्य कर रहा है। हम सभी प्रेरक ब्लॉक बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रहे हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी मनोज कुमार बोस ने कहा कि यह एचसीएल के शिव नाडर की अच्छी सोच का परिणाम है। जनता से कमाई कर जनता की भलाई के लिए धन का सही उपयोग देश के बेहतर भविष्य में खर्च कर रहे हैं। परिषदीय विद्यालयों के अंदर छुपी प्रतिभाओं का विकास करना है। एचसीएल टीम का ही प्रयास है जो मुझे खेलकूद के लिए एक मैदान मिला है जिसे सही विकसित करने की आवश्यकता है। कोठारी आयोग का मिशन था कि बीआरसी, सीआरसी को रोल मॉडल के रूप में विकसित किया जाये। हम सीमित संसाधनों में बीआरसी को बेहतर करने के लिए सदैव प्रयासरत हैं। शिक्षकों को स्वच्छ पेयजल के लिए एक आरओ की महती आवश्यकता है। क्षेत्रीय बुद्धिजीवियों की मांग पर बीआरसी पर एक सामुदायिक पुस्तकालय की आवश्यकता है। पुस्तकालय ज्ञान का केंद्र है एवं शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं, खेलकूद में स्थान अर्जित कर रहे हैं। समय पर शैक्षिक प्रतियोगिताएं होनी चाहिए। जूनियर स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं प्रोजेक्टर के माध्यम से शिक्षा की शुरुआत की आवश्यकता है। अभी हमारे स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। काफी विद्यालय एकल शिक्षक हैं, कुछ विद्यालय शिक्षकों की कमी के चलते बंद चल रहे हैं। ऐसे में शिक्षण कार्य प्रभावित होता है। एचसीएल फाउंडेशन के अच्छे प्रशिक्षित शिक्षकों को चयन कर शिक्षण कार्य कराने की शुरुआत कर सकते हैं। विद्यालय में कला की आवश्यकता है। कला के बिना विद्यालय नीरस होते हैं। कला को बेहतर करने के लिए संसाधन उपलब्ध कराए जाएं जिससे वह अपना बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
खंड शिक्षा अधिकारी ने मीडिया बंधुओं से अपील की कि अच्छे प्रयासों को आगे लाना चाहिए जिससे संस्था के कार्य को सम्मान मिल सके। आपके छोटे से प्रयास से आमजन प्रेरित होंगे। समाज को हम किसी न किसी रूप में बेहतर देकर एक अच्छे नागरिक की जिम्मेदारी निभा सकते हैं। एचसीएल फाउंडेशन के अथक प्रयासों से हम सब काफी उत्साहित हैं जिसका परिवर्तन नजर आने लगा है।
आइये हम सब मिलकर कछौना को एक प्रेरक ब्लॉक बनाने का कदम बढ़ाएं।
इस अवसर पर कार्यक्रम का संचालन राघवेंद्र कुमार मिश्र ने किया एवं इस मौके पर शिक्षकगण रामनरेश त्रिपाठी, प्रवीण कुमार, श्वेता विश्वकर्मा, आरती द्विवेदी, अमित प्रताप, दीपक जायसवाल, श्रवण कुमार, तेजपाल मौर्या, अनिल भदौरिया सहित एचसीएल की टीम से मानवेंद्र, भुवाल, महेंद्र, रंजन, गोविंद, लक्ष्मण व अमित ने अपना प्रतिभाग किया। “पढ़ेगा कछौना बढ़ेगा कछौना” स्लोगन की परिकल्पना के लिए मिलकर कार्य कर रहे हैं।
ख़बर:- पी.डी. गुप्ता