- मौके पर मिली 212 लीटर निर्मित शराब और 25 कुंतल लहन
- आखिर चौकी पुलिस और आबकारी निरीक्षक पर कब होगी कार्रवाई
अझुवा/कौशाम्बी : जिले के विभिन्न थाना और पुलिस चौकियों के क्षेत्र में अवैध शराब की भठ्ठी संचालित होना आम बात सी हो गई है।ऐसे मे तमाम प्रकार के खतरनाक रसायनों के प्रयोग से बनने वाली इस खतरनाक शराब से किसी दिन बड़ा हादसा होने से इंकार नही किया जा सकता। फिर भी स्थानीय पुलिस शराब भट्टियों के ऊपर कार्यवाही नहीं करती है, जब ऊपर तक शिकायत पहुंचती है तो पहले से ही पुलिस चौकी मे सक्रिय दलालों द्वारा अवैध शराब कारोबारियों को सचेत कर छापेमारी की कार्यवाही की जाती रही है जिससे बड़ी मात्रा मे शराब और लहन मिलने के बावजूद वे पकड़ मे नही आते हैं।
सूत्रों की मानें तो तीन हजार रुपए महीने शराब भट्ठियों से स्थानीय पुलिस अपने सक्रिय दलालों से वसूली सहित आबकारी पुलिस भी शराब भट्टी संचालकों से मोटी रकम वसूलती है, जिससे आबकारी निरीक्षक शराब भट्ठियों के संचालन पर अनदेखी करते हैं। सैनी कोतवाली क्षेत्र के अझुवा में शराब के अवैध भट्ठी का कारोबार कई दशक से बेखौफ बढ़ता ही जा रहा है जिसका कारण स्थानीय पुलिस चौकी के सक्रिय दलाल हैं जो हर नवागत दारोगा से कुछ ही समय मे सांठगांठ बनाकर इन काले धंधों को संरक्षण दिलाते हैं। बदले मे वे लाखों की रकम इन सैकड़ों भट्ठियों से हर महीने वसूलकर उसका छोटा भाग चौकी के सुपुर्द करते हैं। बाकी के बड़े हिस्से से उनके गैंग की महीने भर मौज-मस्ती चलती है। जो कारोबारी माहवारी देने मे आनाकानी करते हैं उन्हे बीच-बीच मे चौकी पुलिस द्वारा प्रताड़ित कराकर उनसे धनादोहन भी कराया जाता रहता है। ये दलाल इनके कारनामों मे रोड़ा अटकाने वाले लोगों पर भी कब पुलिस प्रताड़ना करवा दें इसकी कोई गारंटी नही है। कब इस करोबार से दूर दूर तक सरोकार न रखने वाले किसी बेगुनाह गरीब को चौकी लाकर उसे झूठे मुकदमे मे फंसाने की धमकी देते हुए अवैध धनादोहन करा दें इसकी भी कोई गारंटी नही है?
कभी अवैध शराब भट्ठी के संचालन की शिकायत शासन और पुलिस आला अधिकारियों से हुई तो जांच के दौरान अवैध शराब के कारोबार से जुड़ा बड़ा जखीरा हर बार मिलता रहता है, आखिर यह कब तक चलता रहेगा यह एक बड़ा सवाल है? रविवार को फिर अझुवा में अवैध शराब भट्टी के संचालन की शिकायत शासन से लेकर एडीजीपी तक नगर वासियों ने की जिस पर पुलिस कप्तान क्षेत्राधिकारी सहित भारी फोर्स मौके पर पहुंची जहां शिकायत सही पाई गई और जांच के दौरान कनपुरिया नामक एक आदमी के नेतृत्व में डेढ़ सौ भट्टी संचालन किये जाने की बात प्रकाश में आई है।
क्षेत्राधिकारी सिराथू के नेतृत्व में पुलिस की छापामार कार्यवाही में अझुवा के वार्ड नम्बर 3 शांति नगर में 220 लीटर अवैध शराब हर 25 कुंतल से अधिक लहन अर्धनिर्मित शराब बरामद हुई जमीन में फावड़ा और कुदाल के माध्यम से 3 दर्जन से अधिक स्थान की खुदाई कराई गई जहां करीब 220 लीटर अवैध शराब बरामद की गई।
मजे की बात यह है इतने बड़े अभियान के बाद भी एक भी अवैध शराब कारोबारी पुलिस की गिरिफ्त में नही आया। आखिर पुलिस अधिकारियों के छापामार कार्रवाई की सूचना किसने लीक की है? विभाग का वह कौन विभीषण है यह भी बड़ा सवाल है? बड़े पैमाने पर अवैध शराब की भट्ठियों के संचालन के बाद भी स्थानीय पुलिस पर कठोर कार्यवाही कर मुकदमा नहीं दर्ज कराया गया है जो व्यवस्था पर तमाम सवाल खड़े कर रहा है।