अकल्पनीय, अविश्वसनीय, अद्भुत प्रधान मन्त्री नरेन्द्र मोदी

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय


कल (२२ फ़रवरी, २०१८ ई०) उत्तरप्रदेश की महिमा का बखान करते समय नरेन्द्र मोदी को तथाकथित हिन्दुओं के मन्दिर और धार्मिक स्थान आदिक याद रहे; जैन, बौद्धों, मुसलमानों, सिक्खों, ईसाइयों की देन से आँखें चुराते नज़र आये। यह व्यक्ति किस बात का प्रधान मन्त्री है, जिसकी धमनियों में हर पल ‘साम्प्रदायिकता का विष घुल रहा हो। प्रधान मन्त्री किसी सम्प्रदाय, जाति, वर्गादिक-विशेष का नहीं होता परन्तु खेद है, नरेन्द्र मोदी प्रधान मन्त्री की गरिमा अपने आचरण से कलंकित करते आ रहे हैं। अहम्मन्यता से मण्डित इस प्रधान मन्त्री को जनकल्याण के प्रति कोई जागरूकता नहीं है, जागरूकता है तो यही : सबका साथ, अपना विकास। यह व्यक्ति ‘अधिनायकत्व’ की आराधना करता आ रहा है।
इस व्यक्ति के पास दो प्रकार की युक्तियाँ हैं :– प्रथम, ‘हिन्दुत्व ख़तरे में है और द्वितीय, जिस राज्य में जाता है, अपना मिथ्या रिश्ता निकाल लेता है। ऐसा व्यक्ति कितने ही शीर्ष पद पर हो, यदि वह मिथ्यावादी है; पलक झपकते ही ‘राई को पर्वत’ बनाने में माहिर है; नितान्त आत्मपरक है तो उसके प्रति मन में श्रद्धा का भाव जाग्रत हो ही नहीं सकता।
आज देश कई समस्याओं से ग्रस्त है; जन-जन की मूलभूत आवश्यकताओं से ‘नरेन्द्र मोदी’ नामक प्रधान मन्त्री को कहीं-कोई प्रयोजन नहीं; देशवासियों के परिश्रम से अर्जित रुपयों का भरपूर दुरुपयोग करते हुए, यह व्यक्ति ‘प्रधान मन्त्री’ के नाम पर विदेशों की यात्राएँ कर रहा है और औसत देशवासियों को तरह-तरह के कर-जाल में उलझा रखा है।
मैंने ‘सूचना के अधिकार अधिनियम’ के अन्तर्गत ‘भारतीय जनता पार्टी’ के मुखिया नरेन्द्र मोदी के प्रधान मन्त्री बनने के बाद विदेशी यात्राओं की अवधि में व्यय की गयी धनराशि का विवरण माँगा है परन्तु कोई प्रतिक्रिया नहीं की जा रही है। देश के शिक्षित युवा बेरोज़गार और कृषक-वर्गों के लिए वर्ष २०१४ से अब तक कौन-कौन-सी योजनाएँ क्रियान्वित की गयी हैं और कितनों को अब तक कहाँ-कहाँ नियोजित किया गया है, ऋणमुक्ति और फ़सलबीमा आदिक की सुविधाएँ दी गयी हैं? इन प्रश्नों के भी उत्तर नहीं दिये गये हैं।
नितान्त निकृष्ट, निरंकुश, निर्दय, निष्ठुर व्यक्ति है, नरेन्द्र मोदी!