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दक्षिणअफ़्रीका ने भारत को ९ विकेटों से हराया

विराट कोहली के ग़लत नीति-निर्णय और बल्लेबाज़ों ने हराया

● न तुम हारे, न हम जीते
★ भारत-दक्षिणअफ़्रीका टी-20 मैच

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

टॉस जीतकर भी पहले बल्लेबाज़ी का निर्णय ‘ग़लत’ था। जब शिखर-कोहली खेल रहे थे तब बल्लेबाज़ी औसत प्रति ओवर लगभग ८.५ रन था। ऐसे में, अनियन्त्रित रहकर खेलने की ज़रूरत ही क्या थी? शिखर धवन, विराट कोहली, ऋषभ पन्त तथा कुणाल पण्ड्या ग़लत शॉट चयन करने के कारण आऊट हुए थे। जब शिखर और विराट खेल रहे थे तब लग रहा था कि भारत का कुल स्कोर लगभग २०० रन तक पहुँचेगा; परन्तु लापरवाही से भरी बल्लेबाज़ी और ठोस भागीदारी न होने के कारण भारत को १४० रन के भी लाले पड़ गये। हार्दिक पण्ड्या के बल्ले को दक्षिण अफ़्रीका के गेंदबाज़ ख़ामोश कर रखे थे।

भारत का कुल स्कोर ९ विकेट पर १३४ रन रहा। इस प्रकार भारत ने दक्षिणअफ़्रीका को जीतने के लिए १३५ रन का लक्ष्य दिया था। यह लक्ष्य दक्षिणअफ़्रीका के लिए बहुत आसान था। दक्षिणअफ़्रीका के गेंदबाजों के ‘लाइन-लेंथ’ सटीक रहे। दक्षिणअफ़्रीका के तेज़ गेंदबाज़ रवाडा ने तीन विकेट लिये थे। व्यूरन और फोर्टेन ने दो-दो खिलाड़ियों को पैवेलियन भेज दिये थे। इस मुकाबले में दक्षिणअफ़्रीका का पूरी तरह से दबदबा रहा।

दक्षिणअफ़्रीका के गेंदबाज़, विशेषत: उसके कप्तान डि कॉक ने आक्रामक और सन्तुलित ढंग से खेलते हुए, भारतीय गेंदबाज़ों की कमर तोड़कर रख दी थी। भारत का क्षेत्ररक्षण चुस्त था; किन्तु भारत का कुल स्कोर बहुत कम था।

साफ़तौर पर दिख रहा था कि भारतीय गेंदबाज़ की एक गेंद लेग स्टम्प से बाहर पड़कर डि कॉक के पैर पर लगी थी; किन्तु गेंदबाज़, विकेटरक्षक ऋषभ पन्त तथा कप्तान कोहली की अदूरदर्शिता के कारण एक ‘रीव्यू’ व्यर्थ हो गया था। उसका परिणाम यह रहा कि दक्षिणअफ़्रीका का बल्लेबाज़ आऊट था; परन्तु निर्णयकर्त्ता ने आऊट नहीं दिया था। ‘रीव्यू’ न रहने के कारण वह निर्णय दक्षिणअफ़्रीका के पक्ष में गया।

अन्तत:, बंगलुरु में डि कॉक ने ५२ गेंद पर ७९ रन बनाकर भारत को ९ विकेट से बुरी तरह से पराजित किया है। दक्षिणअफ़्रीका ने १६.५ ओवरों में १४० रन बनाकर तीसरा मैच जीत लिया है। इससे टी-20 में तीसरे स्थान पर रहनेवाले भारत को दक्षिणअफ़्रीका को पीछे धकेल दिया था। इस तरह श्रृंखला १-१ से समाप्त हुई है :– न तुम हारे; न हम जीते चरितार्थ हुआ है।

(सर्वाधिकार सुरक्षित : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; २२ सितम्बर, २०१९ ईसवी)