बलभर कुटाई के बाद होश मे आते दिखे भारतीय खिलाड़ी

अकेले विराट कोहली ने अफग़ानिस्तान को पराजित कर दिखाया!


● समीक्षक– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

प्राय: देखा गया है कि जब भारतीय खिलाड़ियों को किसी भी खेल मे कहीं का नहीं छोड़ा जाता है तब वे अन्त मे, आक्रामक तेवर दिखाते हैं और अपनी कटी नाक पर ‘प्लास्टिक सर्जरी’ कराकर लौटते हैं।

भारत के लिए मात्र औपचारिक-से दिख रहे इस मैच मे अफग़ानिस्तान-कप्तान ने टॉस जीतकर भारत को पहले खेलने के लिए बाध्य किया, जो महत्त्वपूर्ण सिद्ध हुआ। भारत ने अफग़ानिस्तान के विरुद्ध २० ओवरों मे २ विकेटों पर २१२ रन बनाये थे, जो इस प्रतियोगिता मे किसी भी दल का अभी तक का सर्वाधिक स्कोर है। इस मैच का मुख्य आकर्षण विराट कोहली की आक्रामक बल्लेबाज़ी रही। भारत की ओर से बल्लेबाज़ी-क्रम विराट कोहली और के० एल० राहुल की जोड़ी ने आरम्भ किया था, जिसमे राहुल की अर्द्ध-शतकीय पारी उपयोगी सिद्ध हुई थी।

भारत की पारी-समाप्ति के अनन्तर जब अफग़ानिस्तान की बल्लेबाज़ी करने की बारी आयी तब भुवनेश्वर कुमार अपने पहले और तीसरे ओवरों मे दो-दो अफग़ानिस्तानी खिलाड़ियों को पैवेलियन भेज चुके थे। इस प्रकार तीसरे ओवर मे बिना दहाई का अंक (९ रन) छुए अफग़ानिस्तान के चार खिलाड़ी ९ रन पर ही आऊट हो चुके थे। यह भी इस प्रतियोगिता का अब तक का न्यूनतम स्कोर है। हमे नहीं भूलना चाहिए कि वे वही भुवनेश्वर कुमार हैं, जो पाकिस्तान के विरुद्ध बहुत महँगे साबित हुए थे और शर्मनाक पराजय मे उनकी बेजान गेंदबाज़ी की मुख्य भूमिका थी।

दूसरी ओर, प्रतिभाशाली तीव्र गेंदबाज़ अर्शदीप सिंह ने अपनी सटीक इन-स्विंग, आऊट-स्विंग तथा यॉर्कर गेंदबाज़ी से अफग़ानिस्तानी बल्लेबाज़ों के दाँत खट्टे कर दिये थे। अर्शदीप ने अपने पहले ओवर मे ही एक विकेट ले लिया था, परिणामत: पॉवर-प्ले मे ही अफग़ानिस्तान दल के पाँच खिलाड़ी छठे ओवर मे मात्र २१ रन पर आऊट हो चुके थे। भुवनेश्वर ने फिर अपनी तीख़ी गेंदबाज़ी कर खेल के छत्तीसवें गेंद मे एक और विकेट ले लिया था। ऐसा लगने लगा था, मानो केवल ४ रन देकर ५ विकेट लेनेवाले भुवनेश्वर कुमार ने भी अपनी लय प्राप्त कर ली हो।

अफग़ानिस्तान ने २० मे से १० ओवरों को खर्च करके ६ विकेटों पर मात्र ३४ रन बनाये थे। उसके लिए १० ओवर ही बचे थे। स्पिनरों– आर० अश्विन और अक्षर पटेल को मौक़ा दिया गया, पर सफल नहीं रहे, फिर हुड्डा को बुलाया गया और अपने पहले ही ओवर मे उन्होंने १३वें ओवर मे ३ रन देकर एक विकेट ले लिया था। ये वही हुड्डा हैं, जिन्हें पिछले मैचों मे शामिल तो किया गया था; किन्तु इस मैच मे नहीं खेल रहे रोहित शर्मा ने उन्हें गेंदबाज़ी करने का अवसर नहीं दिया था।

१५.५ ओवर मे अफग़ानिस्तान की ओर से रविचन्द्रन अश्विन के एक दिशाहीन गेंद पर पहला छक्का मारा जाना, इस बात का सूचक था कि भारतीय गेंदबाज़ ज़बरदस्त प्रदर्शन कर रहे थे। इस मैच मे अश्विन की ख़राब गेदबाज़ी के चलते अफग़ानिस्तानी बल्लेबाज़ तेज़ी मे रन बना रहे थे; अकस्मात् अश्विन के कैरम गेंद पर अफग़ानिस्तान का आठवाँ विकेट ‘क्लीन बोल्ड’ के रूप मे गिर चुका था, तब तक १८ ओवर किये जा चुके थे।

मैच के आख़िरी ओवर मे भारतीय कप्तान का मूर्खतापूर्वक निर्णय दिनेश कार्तिक से गेंदबाज़ी कराना रहा, जिसमे अफग़ानिस्तान को कुल १८ रन मिले थे। इस प्रकार अफग़ानिस्तान ने ८ विकेटों पर ११८ रन बना लिये थे, जो विराट कोहली के व्यक्तिगत स्कोर से ४ रन कम थे, परिणामत: भारत ने अफग़ानिस्तान को १०१ रनो से पराजित कर दिया है।।

(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; ८ सितम्बर, २०२२ ईसवी।)