कुहरा शीत घना दिखे, कम्पन करते मेख

शब्दार्थ :– १ पैर (भोजपुरी- बोली) २बादल।

(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; ९ जनवरी, २०२६ ईसवी।)