प्रधानमंत्री आवास योजना में दो वर्षों से पात्र व्यक्तियों के चयन के लिए नहीं उठाये कदम, हजारों पात्र योजना से वंचित

कछौना, हरदोई। सरकार की मंशा हर पात्र व्यक्ति को छत देने की है और इसके लिए सरकार प्रयासरत भी है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत विकासखंड कछौना में बनी पात्रता सूची आवास प्लस से पात्र 662 का चयन किया गया है। जिसमें 656 लाभार्थियों को लाभ हेतु स्वीकृति दी गयी। सूची ब्लॉक प्रांगण में चस्पा कर दी गई। 509 लाभार्थियों को प्रथम किस्त के रूप में 70 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत कर दी गई है।

मिली जानकारी के अनुसार ग्राम प्रधानगण लाभार्थियों से 10 हजार से 20 हजार रुपये की अवैध वसूली कर रहे हैं। जबकि शासन द्वारा काफी पारदर्शिता बरती जा रही है। उसके बाद भी आवास का लाभ दिलाने के नाम पर बिचौलिए लाभ उठा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों की खाऊकमाऊ नीति के चलते अभी भी पात्र व्यक्ति खुले आसमान के नीचे कच्चे मकान व झोपड़ी में त्रिपाल डालकर जीवनयापन करने को विवश हैं। क्योंकि जब पात्रता सूची बनाई जा रही थी, तब प्राइवेट कर्मी गांव-गांव जाकर जियो टैगिंग कर सूची तैयार कर रहे थे। जिससे सुविधा शुल्क मिलता था, उसी का नाम सूची में शामिल करते थे। याद रहे कि 2 वर्षों से पात्र व्यक्तियों के चयन के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। इसी कारण सैकड़ों व्यक्ति योजना का लाभ पाने से वंचित हैं। 

आवास प्लस पात्रता सूची को सार्वजनिक भवन या ग्राम सचिवालय में चस्पा करने का प्रविधान है। परन्तु किसी भी ग्राम सभा में पात्रता सूची सार्वजनिक नहीं की गई है। प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थियों से अवैध वसूली से सरकार की छवि धूमिल हो रही है। इस योजना के तहत तीन किस्तों में भुगतान का प्रविधान है। प्रथम किस्त 70 हजार, द्वितीय 40 हजार व तृतीय किस्त में 10 हजार रुपये व 90 दिन की मजदूरी के भुगतान उसकी धनराशि लगभग 18 हजार रुपये दिये जाते हैं। इसमें भी रोजगार सेवक जमकर खेल खेलते हैं। खंड विकास अधिकारी नरोत्तम कुमार ने बताया कोई लाभार्थी किसी को कोई घूस या सुविधा शुल्क न दे। यदि कोई ऐसा करता है तो ब्लॉक पर शिकायत करें, दोषी व्यक्ति पर ठोस कार्रवाई की जाएगी।