भ्रष्टाचार का मामला : जी०एस०आर०एम०एम०पी०जी० कॉलेज, लखनऊ में छात्रों से हो रही अवैध वसूली

विश्व पत्रकारिता स्वतन्त्रता दिवस की पूर्व सन्ध्या पर आयोजित बैठक में बिलग्राम तहसीलदार द्वारा जी॰सी॰ कुशवाहा के विरुद्ध की गयी एफआईआर को लेकर जताया आक्रोश

राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’

भारतीय पत्रकार संघ के तत्वाधान में बघौली स्थित अपना पेट्रोल पंप पर सुधीर अवस्थी के नेतृत्व में लॉकडाउन का पालन करते हुए पत्रकारों की एक ऑनलाइन बैठक का आयोजन किया गया । अधिकांश बन्धुओं ने बैठक में ऑनलाइन प्रतिभाग किया । इस बैठक में दैनिक सहानुभूति के सम्पादक गिरीश चन्द्र कुशवाहा पर तहसीलदार बिलग्राम की ओर से लिखाई गई एफ आई आर को अपमानजनक बताते हुए इसकी भर्त्सना की । साथ ही सभी पत्रकारों ने शासन को विजुअली अवगत कराते हुए एक स्वर में प्राथमिकी को निरस्त करने की बात कही ।

मालूम हो कि विगत दिनों दैनिक सहानुभूति के सम्पादक गिरीश चन्द्र कुशवाहा द्वारा क्वारंटाइन केन्द्र मल्लावाँ में व्याप्त अव्यवस्थाओं पर की गयी तल्ख टिप्पणी को बर्दाश्त न करने वाले तहसीलदार बिलग्राम ने कमियों को दूर करने के स्थान पर आईना दिखाने वाले पत्रकार को ही आईना दिखाते हुए उनकी शिकायत पुलिस में दर्ज करा दी । इस प्रशासनिक अत्याचार ने शान्त पत्रकारों में रोष की भावना उत्पन्न कर दी है । कोविड19 महामारी के चलते लागू लॉकडाउन के कारण पत्रकार एक ही स्थान पर एकत्र होने की जगह भिन्न-भिन्न स्थानों पर शारीरिक दूरी का पालन करते हुए अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं । बघौली में आहूत बैठक में बघौली व कछौना के पत्रकारों ने शिरक़त की । कार्यक्रम का सञ्चालन सुधीर अवस्थी परदेसी ने व अध्यक्षता रामशंकर आज़ाद ने की । मञ्च पर विशेष रूप से मनोज तिवारी, सोमेन्द्र गुप्त और अमित द्विवेदी शोभायमान रहे । सुखवीर सिंह सेंगर, मनीष यादव, शिव प्रताप सिंह और दीपक कुमार श्रीवास्तव ने पत्रकार एकता पर बल देते हुए इस घटना को बर्बर और निराशाजनक बताया । राहुल मिश्र ने पत्रकारों के विरुद्ध मुकदमेबाजी को लोकतान्त्रिक मूल्यों पर कुठाराघात बताया और किसी भी मूल्य पर इसे असहनीय कहा ।

कवि व स्वतन्त्र पत्रकार आदित्य त्रिपाठी ने देश में पत्रकारों की स्थिति को लेकर चिन्ता ज़ाहिर करते हुए कहा कि पत्रकारों पर भौतिक या मानसिक हमला वर्तमान में ट्रेण्ड बन गया है और कहीं न कहीं इसके लिए हम पत्रकार भी दोषी हैं । हम ओहदे और बड़े-छोटे के फेर में दर्पण में एक साथ प्रतिबिम्बित होने को अपना अपमान समझ कर दर्प (घमण्ड) में उसे चकनाचूर कर उसके टुकड़ों में अपने अनेकानेक बिम्बों को सामने देखने में ही अपनी जीत मानते हैं । यह मानसिकता ही भ्रष्ट अधिकारियों को हमारे गरेबान पर हाथ डालने को प्रेरित करती है । हम यह भूल जाते हैं कि पत्रकार चारण नहीं होता अपितु वह अग्निपान और अग्निगान करने वाला व्यवस्था में व्याप्त दोषों का अन्वेषक होता है ।

रामशंकर आज़ाद ने बाबासाहब आम्बेडकर के सङ्घर्ष के मूलमन्त्र को अपनाकर अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता हेतु आन्दोलन की राह पर चलने का सुझाव दिया तो मनोज तिवारी ने ख़बरनवीसों की किसी भी समस्या में स्वयं साथ देने के लिए कहते हुए सभी को प्रेरित किया । सोमेन्द्र गुप्त ने प्रशासन की ओर से किए गये कृत्य को समूचे पत्रकार जगत के अपमान बताया ।

कार्यक्रम के समापन के पश्चात्त अपना पम्प बघौली के स्वामी अमित गुप्ता की ओर से सुधीर अवस्थी व स्टाफ़ द्वारा World Press Freedom Day (विश्व पत्रकारिता स्वतन्त्रता दिवस) की पूर्व सन्ध्या पर सभी उपस्थित पत्रकारों को उपहार देकर सम्मानित किया गया । कार्यक्रम में ऑनलाइन जीतेश गुप्ता, रमाकान्त मिश्र, गौतेन्द्र तिवारी, प्रेम द्विवेदी, पवन दीक्षित, आर्यन सिंहानिया, अनुज आदि साथियों के साथ दो दर्ज़न अन्य क़लमकार बन्धु उपस्थित रहे ।

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