भाजपा विधायक राजकुमार अग्रवाल की मुखौटा ब्लाक प्रमुख रामरती कुर्सी बचाने में कामयाब

           कछौना में ब्लाक प्रमुख के खिलाफ़ लाये गए अविश्वास प्रस्ताव पर शुक्रवार को ब्लाक परिसर मे मतदान हुआ। जिलाधिकारी द्वारा नामित निर्वाचन अधिकारी उप जिलाधिकारी सण्डीला आशीष कुमार सिंह व उप जिलाधिकारी सवायजपुर दिग्विजय सिंह की देख रेख में ग्यारह बजे शुरु हो गया । आधे घंटे में चालीस सदस्य सदन में पहुंच गए, वहीं वर्तमान ब्लाक प्रमुख राम रती व उनके सहयोगी सदन में नहीं गए सिर्फ चार सदस्य ब्लाक परिसर में  डटे रहे लेकिन चर्चा में प्रतिभाग नहीं किया।
         कुल 80 क्षेत्र पंचायत सदस्यों वाले विकास खंड कछौना में ढाई साल बाद आये अविश्वास प्रस्ताव के विरोध में किसी सदस्य का सदन में मौजूद न रहना चर्चा का विषय बना रहा। पूर्व निर्धारित समयानुसार ठीक एक बजे मतदान की प्रक्रिया शुरु हुई जो ढाई बजे तक चलती रही मतदान के बाद मतगणना की गयी जिसमे 39 मत अविश्वास लाने वाले के पक्ष में व एक मत विरोध मे पडा । उप जिलाघिकारी श्री सिंह ने बताया कि अविश्वास के लिए कुल 41 सदस्य होने चाहिये थे लेकिन 40 सदस्य ही सदन मे आये इसलिए अविश्वास प्रस्ताव गिर गया।उपजिलाघिकारी के इस घोषणा के बाद सभी सदस्य सदन से उठकर चले गये। इस दौरान सीओ बघौली अखिलेश राजन, सी ओ हरियावां शैलेन्द्र सिंह राठौ,र कोतवाल सण्डीला जगदीश यादव, एसओ बघौली, बीडीओ कछौना बुद्ध देव त्रिवेदी समेत ब्लाक के अन्य अधिकारी डटे रहे।

जीत की खुशी में झूमे सर्मथक


विरोधी की हार की खबर मिलते ही विधायक राजकुमार अग्रवाल के सर्मथक खुशी से झूम उठे । विधायक व उनके पुत्र आशीष अग्रवाल को सर्मथकों ने फूल मालाओ से लादकर खुशी का इजहार किया । वहीं अविश्वास लाने वाले विधायक के छोटे भाई अशोक अग्रवाल के सर्मथक मायूस होकर खिसकते नजर आये।

दो भाइयो की जंग में बडे भाई ने मारी बाजी


पिछले पन्द्रह वर्ष से ब्लाक प्रमुख की सीट पर काबिज अशोक अग्रवाल ने वर्तमान ब्लाक प्रमुख रामरती के विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव पेश किया  । रामरती सण्ड़ीला के विधायक राजकुमार अग्रवाल की करीबी हैं । इसी कारण विधायक ने इस चुनाव को अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न मानते हुए जीत दर्ज की वही छोटे भाई को निराशा हाथ लगी।