ब्लॉक कोथावां में वोटर लिस्टों की बिक्री के नाम पर हो रही अवैध वसूली

कागजों में जूते-मोजे, नंगे पैर दौड़ रहे बच्चे

वाह रे बेसिक शिक्षा विभाग। खेल ही निराले हैं। परीक्षा आ जाती तो किताबें मिलती। किताबें मिली तो बैग नहीं। अब सर्दी शुरू हो गई। बच्चों के स्वेटर कब मिलेंगे पता नहीं। जो जूते- मोजे आ भी गए वह कागजों पर हैं और बच्चे नंगे पैर दौड़ रहे हैं।

हरदोई के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए न जाने कितने इंतजाम हो रहे हैं। बच्चों को किताबें, अभ्यास पुस्तिका, बैग और न जाने क्या क्या दिया जाता है। अब सरकार ने स्कूली बच्चों को जूता मोजा और स्वेटर देने की व्यवस्था की। मंशा थी कि सर्दी में बच्चे पहन कर आएंगे। जिले के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले चार लाख 62 हजार 728 बच्चों को इसका लाभ मिलना है लेकिन सब कुछ कागजी खेल तक ही सीमित होकर रह गया है। जूते मोजे आ गए लेकिन अभी बच्चों तक नहीं पहुंचे हैं। कहीं जांच तो कहीं नमूना के नाम पर फंसे हैं तो स्वेटर का अभी क्रय आदेश तक जारी नहीं हो पाया है। ऐसे में कब क्रय आदेश जारी होगा, कब फर्मों से स्वेटर आएंगे। इसका किसी के पास जवाब नहीं है। ऐसे में गरीब बच्चे नंगे पैर केवल शर्ट पहन कर स्कूल जा रहे हैं।
url and counting visits