सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

कितने प्यारे हैं हमारे अध्यापक

धूल में मिट्टी के कण की तरह थे, 
आसमान का तारा बना दिया।
कितने प्यारे हैं हमारे अध्यापक,
हर काम के काबिल बना दिया।
बहुत याद आओगे हमेशा,
कौन समझाएगा हमें आप जैसा।
हर काम में हमें आगे बढ़ाया,
आपके पढ़ाने का अंदाज बहुत पसंद आया।
आंखों में आंसू थे दिल में दुआएं थी,
आप हमेशा मुस्कुराते रहें 
यही हमारे दिल की अरदास रहेगी।
पहली बार कोई टीचर इतना पसंद आया, 
जाने के नाम से आंखों में पानी भर आया।
किसी में भेदभाव नहीं करना 
यही तो आप में बात थी,
इसलिए हर किसी के दिल में 
आप बहुत खास थे।

Miss u so much Shri Narendar Sir Ji.
I am proud of you always Sir.

संजना
12वीं कक्षा की छात्रा
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गाहलियां कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश।