परिषदीय विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव, विद्यार्थियों पर पड़ रहा प्रतिकूल असर

कछौना (हरदोई) : विकास खंड कछौना के परिषदीय स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं व बेहतरी के लिए जय हिंद जय भारत मंच ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर मांग की, क्योंकि इन विद्यालयों में सुनहरे भविष्य की नींव रची जाती हैं। इसलिये मूलभूत सुविधाएं व शैक्षिक वातावरण का माहौल बन सके। विकास खंड कछौना की मूलभूत समस्याओं के बारे में जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है।

विकास खंड कछौना के अधिकांश विद्यालयों में पेयजल की समस्या बरकरार है। इंडिया मार्का में पीला पानी व बालू आती है। कई वर्षों से पानी की गुणवत्ता की जांच नहीं कराई गई है, जिससे दूषित पानी पीने से नौनिहालों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। नगर पंचायत कछौना पतसेनी में स्थित संविलियन विद्यालय में ऑपरेशन कायाकल्प के तहत मूलभूत कार्य नहीं कराए गए हैं। विद्यालय के पास स्थित खेलकूद मैदान में बाउंड्री वाल की आवश्यकता है जिससे खेलकूद मैदान विकसित कर नौनिहालों के अंदर छिपी प्रतिभाओं को बेहतर मंच दिया जा सके। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का स्वीकृत छात्रावास खेलकूद मैदान प्रांगण को छोड़कर किनारे बनवाया जाए जिससे खेलकूद मैदान प्रभावित ना हो।

विकास खंड कछौना के अभी कई विद्यालयों में भवन कक्ष जर्जर हो चुके हैं, उनकी शीघ्र नीलामी कराई जाए। परिषदीय स्कूलों की ज्यादातर भूमि पर अवैध कब्जा व अतिक्रमण खाली कराया जाए। परिषदीय स्कूलों में सामुदायिक शौचालय बनवाए गए हैं इसलिए पूर्व में बने शौचालयों का निष्प्रयोज्य किया जाए जिससे उस भूमि का सदुपयोग हो सके। विद्यालयों में सफाई कर्मी नियमित रूप से नहीं आते हैं जिसके कारण सफाई कार्य विद्यालय में कार्यरत रसोइया करने को मजबूर हैं। संविलियन विद्यालय जूनियर हाई स्कूल कछौना सहित कई विद्यालयों में एमडीएम शेड नहीं बने हैं। संविलियन विद्यालय नैरा का टूटा पड़ा है। बच्चों के बैठने की व्यवस्था नहीं है। कछौना के कई विद्यालयों में स्कूल कक्षों के ऊपर से हाईटेंशन विद्युत लाइन गुजरी है। विद्यालय प्रांगण में खम्भे लगे हैं एवं विद्यालय के निकट ही ट्रांसफार्मर रखे हैं जिससे नौनिहालों को हमेशा जान का खतरा बना रहता है एवं अनहोनी घटना की आशंका बनी रहती है।

परिषदीय विद्यालयों में स्वास्थ्य विभाग से गठित स्वास्थ्य टीम नियमित रूप से नहीं पहुँचती है जिससे परिषदीय बच्चों को स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं बनी रहती हैं। परिषदीय विद्यालयों में एचसीएल फॉउंडेशन द्वारा स्मार्ट क्लास हेतु प्रोजेक्टर, बैटरी, इन्वर्टर, लैपटॉप, किताबें, खेलकूद सामग्री, बेंचे उपलब्ध कराई गईं। गांव के बाहर स्कूल होने के कारण आये दिन चोरी की घटनाएं घटती हैं। पुलिस ठोस कार्यवाही नहीं करती है। यहां तक प्राथमिकी तक दर्ज नहीं की जाती है। कुछ की प्राथमिकी दर्ज करने के बाद घटना का खुलासा होने व सामग्री बरामद होने के बाद स्कूलों को वापस नहीं दी गईं हैं। स्कूलों में मनोरंजन के साधन व बालिकाओं के स्कूल आने के लिए कई वर्षों से साइकिलें नहीं उपलब्ध कराई गईं हैं। खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित कराने के लिए कोई धनराशि नहीं दी जाती है। नौनिहालों को ताजा व गर्मागर्म भोजन उपलब्ध कराने वाली रसोइया का नियमित रूप से मानदेय नहीं मिलता है जिससे उनकी माली हालत एक दैनिक मजबूर से बदतर है।

निरक्षर लोगों व ड्राप्ट आउट बच्चों को मुख्य धारा में लाने के लिए प्रौढ़ शिक्षा केन्द्र अच्छे तरीके से चलाया जाये। शारदा योजना का सही ढंग से क्रियान्वयन किया जाये जिससे कोई नौनिहाल दुकानों पर बाल श्रम करने व कूड़ा बीनने को विवश न हो। आरटीई योजना का सही ढंग से क्रियान्वयन किया जाये। प्राईवेट स्कूलों के गरीब छात्रों का 25% प्रवेश अनिवार्य है। उनका विभागीय कर्मियों की लापरवाही से धनराशि न मिलने से प्राइवेट स्कूल वाले प्रवेश से रूचि नहीं लेते हैं। परिषदीय स्कूलों में मानक के अनुसार शिक्षकों की कमी व असमानता को दूर किया जाये। पोषण वाटिका अनिवार्य रूप से विद्यालयों में होनी चाहिए।

जय हिंद जय भारत मंच ने विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता व मूलभूत सुविधाओं की जमीनी परख के लिए टॉस्क फोर्स गठित की जाये। शिक्षकों के आयकर रिटर्न फॉर्म भरने, एरियर व आडिट के नाम पर जमकर हो रही वसूली को रोका जाये। समय समय पर प्रबंध समिति को जागरूक किया जाये। उनकी शिकायत व सुझाव पर प्रभावी कार्यवाही की जाये। विकास खण्ड कछौना की परिषदीय शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के लिए जय जय हिंद जय भारत मंच ने कई बिंदुओं पर पत्र लिखकर जिला प्रशासन को अवगत कराया है।

रिपोर्ट- पी.डी. गुप्ता