राज चौहान (ब्यूरो प्रमुख हरदोई)-
सम्मानजनक वेतनवृद्धि की माँग को लेकर दो दिन की राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल में पहले दिन आज बुधवार को करीब सवा सौ करोड़ का बैंकिंग लेनदेन प्रभावित हुआ। जिले की 19 पीएसयू बैंकों की 163 शाखाओं में पूरे दिन ताले लटकते रहे। बैंक ग्राहक निराश होकर वापस लौट गए। हड़ताली बैंक कर्मियों ने स्टेट बैंक के गेट पर इकट्ठे होकर सरकार और बैंक मैनेजमेंट के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
बैंक हड़ताल का आह्वाहन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने किया है जिसमें चार अधिकारी संगठन और पांच कर्मचारी संगठन शामिल है। यूनाइटेड फोरम के स्थानीय संयोजक आर के पाण्डेय ने बैंक हड़ताल को जिले में पूरी तरह सफ़ल बताया। हड़ताल के चलते अकेले क्लीयरिंग की करीब 700 चेकें रुक गयी जिनमें 10 करोड़ रुपया फँस गया। नकदी और ट्रांसफर चेकों को मिलाकर कुल करीब 125 करोड़ का बैंकिंग लेनदेन ठप्प पड़ गया।
यूनाइटेड फोरम के चेयरमैन मनोज सिंह ने हड़ताल के लिये बैंक मैनेजमेंट की हठधर्मिता को जिम्मेदार बताया और कहा कि बैंककर्मी तो वेतन कटौती कराकर हड़ताल करते है। अधिकारी संगठन आईबाक की नेता प्रबंधक पीएनबी सदर बाजार रुपाली शर्मा ने बैंक मैनेजमेंट के 2 प्रतिशत वेतनवृद्धि के प्रस्ताव पर रोष प्रकृट किया। स्टेट बैंक के प्रबंधक के के सिंह ने कहा कि बैंककर्मी कड़ी मेहनत से सरकार की योजनओं को क्रियान्वित करते है पर उनकी वेतनवृद्धि की माँग को मजाक बना दिया है।
यूएफबीयू के घटक संगठन एनसीबीई के नेता क्षितिज पाठक ने केंद्र सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों पर गुस्से का इज़हार किया। यूएफबीयू के घटक संगठन एआईबीईए के नेता अजय मेहरोत्रा ने कहा कि अगर उचित वेतनवृद्धि पर सहमति न बनी तो अनिश्चितकालीन हड़ताल होंगी। एआईबीईए के ही युवा नेता श्याम मोहन बाजपेई ने कहा कि बैंककर्मी आज अल्पवेतन भोगी बनकर रह गया है।
ग्रामीण बैंकों और कोऑपरेटिव बैंक्स को यूनियंस ने पहले ही हड़ताल के आह्वाहन से बाहर रखा था। प्राइवेट सेक्टर की 3 बैंकें, एचडीएफसी, एक्सिस, आईसीआईसीआई कुल 7 शाखाएं ही जिले मे है और वह खुली रहीं।
प्रदर्शन में प्रमुख रूप से वर्षा मेहरोत्रा, अनामिका सिंह, वंदना यादव, रचना तिवारी, सुशीला, आकांक्षा द्विवेदी, नेहा बाजपेयी, सूर्या बाथम, दीप्ति सिंह, वैशाली सिंह, रानी देवी, निधि वर्मा, वेदप्रकाश पांडे, आर के मिश्रा, अनूप सिंह, अनुज सिंह, कमलेश कुमार, आशीष अवस्थी, अनिल सिंह, अंकुर सोनी, अविनाश पांडे,विवेक सिंह, तुषार बाजपेई, शिवम श्रीवास्तव, सुनीत वर्मा, महेंद्र मिश्रा, अजातशत्रु, अनादि ब्रम्ह, टेक बहादुर, वीर सिंह, आनंद वर्मा रहे।