कौशांबी। चायल तहसील क्षेत्र के पूरामुफ़्ती थाना से 100 कदम की दूरी पर संचालित हो रहे मां निर्मला हॉस्पिटल की गतिविधियों पर स्वास्थ्य विभाग की नजर नहीं पहुंची है इस अस्पताल में दर्जनों बेड लगाए गए हैं। जिन चिकित्सकों के नाम अस्पताल के बोर्ड में लिखे हैं उन चिकित्सकों का अस्पताल में कहीं पता नहीं चलता है। कम पढ़े लिखे लोगों द्वारा इस अस्पताल में मरीजों का इलाज करते देखा जाता है।
फार्मासिस्ट वार्ड ब्वॉय भी अकुशल अप्रशिक्षित हैं। आए दिन इलाज के दौरान लोगों का मर्ज बढ़ जाता है फिर उन्हें रेफर करें बड़े अस्पतालों से कमीशन खोरी का खेल शुरू हो जाता है। इलाज के दौरान लापरवाही के चलते मरीजों की मौत भी हो जाती है लेकिन फिर भी अस्पताल संचालक पर कार्यवाही नहीं हो सकी है।
बीते कुछ वर्षों से बेखौफ तरीके से संचालित हो रहे इस अस्पताल की ओर स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की नजरें इनायत बनी हुई है। जिसका खामियाजा इलाके के मरीज और उनके परिजन भुगत रहे हैं। अस्पताल परिसर में ही बिना लाइसेंस के मेडिकल स्टोर संचालित किया जा रहा है। अस्पताल संचालन में स्वास्थ्य विभाग के नियमों के दिशा निर्देशों का पालन अस्पताल संचालक द्वारा नहीं किया जा रहा है।
इस संबंध में जब डिप्टी सीएमओ हिंद मणि से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अस्पताल के अभिलेखों का सत्यापन कराकर अस्पताल संचालन की हकीकत खगाली जाएगी और यदि अस्पताल गलत तरीके से संचालित हो रहा है तो संचालक पर मुकदमा दर्ज करा कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।