आइए जानें क्यों और कैसे हुआ उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में नरसंहार ?

रिपोर्ट – अवनीश मिश्रा

दिल को दहला देने वाली, उत्तर प्रदेश पुलिस और प्रदेश सरकार को चुनौती देती घटना जिला सोनभद्र से सामने आ रही हैं। बेखौफ भू माफियाओं ने जमीन की खातिर कानून और प्रशासन को चुनौती देते हुए दिन दहाड़े दिल दहला देने वाली घटना को अंजाम दे डाला।

आपको बताते चले की जिला सोनभद्र में जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच नरसंहार हो गया चारों तरफ लाशें बिछ गईं, इस नरसंहार में ग्राम प्रधान सहित 11 लोग नामजद्द और अन्य अज्ञात लोगो नाम मुकदमा लिखा गया है हालांकि ग्राम प्रधान अभी फरार है उसकी तलाश जारी है।

विवाद कैसे और क्यों हुआ ?

ग्राम प्रधान यज्ञदत्त 30 से 32 ट्रालियों में अपने तकरीबन 300 साथियों के साथ जमीन पर कब्जा करने पहुँचाऔर वहां की जमीन पर जुताई करवाने लगा स्थानीय लोगो के आपत्ति के चलते विवाद इतना बढ़ गया कि प्रधान की तरफ से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी गई जिसमें 10 लोगों की मौत हुई है और 23 लोग जख्मी हुए जिन्हें पुलिस और एम्बुलेंस की सहायता से अस्पताल पहुंचाया गया।

पुलिस महानिदेशक ओ.पी.सिंह ने बताया कि घोरावल थाना क्षेत्र के उधा गांव के ग्राम प्रधान यज्ञदत्त ने करीब दो साल पहले किसी आई. ए. एस. अधिकारी से 90 बीघा जमीन खरीदी थी, यज्ञदत्त ने जमीन पर कब्जे लिए बड़ी संख्या अपने साथियों के साथ पहुंचकर जमीन जोतने की कोशिश की, स्थानीय ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो प्रधान के गुंडों ने ग्रामीणों पर अंधाधुंध गोलियां चला दी। नन्ही आंखों ने देखा अपनी मां को तड़प कर मरते हुए और मौत कब तांडव।

गांव में कब्जे को लेकर चली गोलियों की गूंज से पूरा गांव दहल गया था और वही पास के झरोखे से दो नन्ही आंखे ने अपनी मां को दम तोड़ते देख तो मासूम सहम गए। अपनी नन्ही और मजबूर आंखो से मां का तड़पना और फिर मौत देखने वाली दो सगी बहनें तीन वर्षीय प्रीति दो वर्षीय सपना के सिर से मां का साया उठ गया।

भूमि पर कब्जे के मामले में गोली चलने व पथराव से ग्राम निवासी रामनाथ घायल हुआ तो घर से उसकी पत्नी सुखवंती उसे बचाने के लिए दौड़ी लेकिन इसी बीच हमलावरों की गोली सुखवंती को जा लगी और वो जमीन पर गिरकर तड़पते हुए वहीं दम तोड़ दिया।