पर्वतारोही ने केदारकंठा चोटी को फतह कर क्षेत्र का नाम किया रोशन

कछौना, हरदोई। किसान परिवार से जन्मे पर्वतरोही अभिनीत मौर्य के अंदर कुछ ऐसा करने की इच्छा जागृत हुई, जिससे वह अपने देश का नाम विश्व में रोशन कर सकें।

उन्होंने ने इसके लिए पर्वतारोहण क्षेत्र को चुना और इस लक्ष्य को पाने के लिए काफी मेहनत की है। इसके लिए पर्वतरोही के मेरे बढ़े भाई नागेश्वर, व पिता चंद्र पाल व अन्य दोस्त, जनप्रतिनिधियों का बहुत ही योगदान रहा। मेन बेसिक माउंटेनियरिंग कोर्स जवाहर इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग पहलगाम जम्मू कश्मीर से कड़ी मेहनत करके अल्फा ग्रेड मिला, उसके बाद वह एडवांस माउंटेनियरिंग कोर्स जवाहर इंस्टीट्यूट से किया और इस कोर्स में अल्फा ग्रेड आया। टेबल टॉप चोटी ऊंचाई 12500 फीट (जून 2022), माउंट मचोई की ऊंचाई 17907 फीट (सितंबर 2022), केदारकांठा ट्रेक की ऊंचाई 12500 फीट (19 नवंबर 2022) फतेह का सफलता हासिल की।

पर्वतारोही अभिनीत मौर्य ने बेस कैंप से मात्र 3 घंटे में चढ़ाई सम्मिट कर फतह हासिल की, जबकि वही अन्य लोग को लगता 5 से 6 घंटे में इस चोटी को फतह करने में समय लगता है।पर्वतारोही अभिनित मौर्य के इस जज्बे का गांव व क्षेत्रवासी और देश के अलग-अलग राज्यों से लोगों ने सराहना की। इस दौरान पर्वतरोही ने बताया वह उत्तर प्रदेश सरकार से मांग करते हैं कि हौसला अफजाई करते हुए उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, जिससे वह अपने अगले मिशन को सफल बना सकें।

उनका अगला मिशन माउंट किलिमंजारो है, जो साउथ अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी है। उस पर चढ़ाई करना काफी कठिन है। बिना आर्थिक सहयोग के सफलता को प्राप्त करना असंभव है। हम सरकार व अन्य हमारे जिले मन्त्री व जनप्रतिनिधियों से सहयोग की आशा करता हूं। मेरा दिसंबर 2022 में किलिमंजारो पर विश्व रिकॉर्ड बनाने का भी लक्ष्य है। जिससे देश का नाम विश्व में रोशन कर सकें। वहीं सरकार से मांग करतें हुए कहा कि मेरे जैसे लोंगो को खेल के मध्यम से बढ़वा दे, क्योंकि पर्वतारोहण अपने प्रदेश में नहीं है। इन उपलब्धियों के लिए मुझे मौर्य बंधुत्व क्लब उत्तर प्रदेश भारत द्वारा मुझे प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। संवैधानिक भारत (राष्ट्रीय हिन्दी दैनिक समाचार पत्र) द्वारा अपर पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश जी के द्वारा मुझे प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

रिपोर्ट – पी०डी० गुप्ता