आज एक ही बार में तीन बार तलाक बोलकर वैवाहिक संबंध तोड़ने को अवैध करार देने वाले मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक-2017 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संसद में लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी । आज हमने मुस्लिम प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरिज बिल को अप्रूव कर दिया है। जो तीन तलाक की पीड़ित महिलाओं के सुरक्षा के बारे में है। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यह भी बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग विधेयक-2017 को मंजूरी दे दी।दूसरा इंडियन मेडिकल काउंसिल को रिप्लेस कर के नेशनल मेडिकल कमीशन बिल लाया है। देश की स्वास्थ्य की व्यवस्था को और पूरे मेडिकल इको सिस्टम को ठीक करने के लिए।
श्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि यह प्रक्रिया पर आधारित न होकर, चिकित्सा शिक्षा के परिणाम पर आधारित विनियमन की दिशा में भी एक पहल है। यह विधेयक ऐसी चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराएगा, जो चिकित्सा के क्षेत्र में पर्याप्त और उच्च गुणवत्ता वाले पेशेवर विशेषज्ञ पैदा करेगी। चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र को बढ़ावा देने से स्नातक और स्नातकोत्तर सीटों में बढ़ोतरी के अलावा इस आधारभूत क्षेत्र में नया निवेश भी प्राप्त होगा। आयोग उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा शिक्षा के लिए नीतियां तैयार करेगा और इस दिशा में आवश्यक नियम बनाएगा। साथ ही यह स्वायत्तशासी परिषदों के बीच समन्वय भी स्थापित करेगा। 25 सदस्यीय इस आयोग में अध्यक्ष और सदस्य सचिव के अलावा 12 पदेन तथा 11 अल्पकालिक सदस्य होंगे।