केन्द्र सरकार 21 जून से राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को कुल कोविड वैक्सीन की 75 प्रतिशत डोज निशुल्क देना आरंभ करेगी। ये वैक्सीन 18 वर्ष और इससे अधिक आयु के सभी लोगों के लिये उपलब्ध होगी। इस कदम का उदेश्य देश में कोविड टीकाकरण अभियान को मजबूती देना और आगे बढाना है। अभी तक केन्द्र की ओर से वैक्सीन के 50 प्रतिशत टीकों की खरीद की जा रही थी जिसे बढ़ाकर 75 प्रतिशत कर दिया गया है। इस सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सात जून को राष्ट्र को सम्बोधित करते हुए यह घोषणा की थी।
21 जून सोमवार से देश के हर राज्य में 18 वर्ष से ऊपर की उम्र के सभी नागरिकों के लिए भारत सरकार राज्यों को मुफ्त वैक्सीन मुहैया कराएगी। वैक्सीन निर्माताओं से कुल वैक्सीन उत्पादन का 75 प्रतिशत हिस्सा भारत सरकार खुद ही खरीदकर राज्य सरकारों को मुफ्त देगी। यानि देश की किसी भी राज्य सरकार को वैक्सीन पर कुछ भी खर्च नहीं करना होगा। केन्द्र की इस नीति के शुरू होने के बाद राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को वैक्सीन की खरीद नहीं करनी पड़ेगी और केन्द्र सरकार ही इसका सारा खर्च वहन करेगी।
एक आकलन के अनुसार नई नीति के तहत केन्द्र सरकार पर चालू वित्त वर्ष में टीकाकरण कार्यक्रम के लिए पहले से आवंटित 35 हजार करोड रुपये के अलावा 15 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। केन्द्र सरकार वैक्सीन की खरीद पर पांच प्रतिशत वस्तु और सेवा कर का भी भुगतान करेगी ताकि सरकार की ओर से किया जा रहा टीकाकरण सभी पात्र लोगों के लिए पूरी तरह से नि:शुल्क हो सके।