दोहरे कराधान से बचने, राजस्व चोरी से बचने, राजनयिक पासपोर्ट धारकों के लिए वीजा प्रक्रिया में छूट तथा प्रत्यपर्ण संधि की पुष्टि सहित भारत और ईरान के बीच कल विभिन्न क्षेत्रों में नौ समझौते किए गए । इनके अलावा दोनों देशों के बीच चाबाहार परियोजना के पहले चरण के तहत शाहिद बेहेशती बंदरगाह का पट्टा अनुबंध, फार्मा और कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों के लिए भी करार किया गया । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी के बीच नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता के बाद इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए ।
इन समझौतों के अतिरिक्त दोनों देशों की व्यापार संगठनों के बीच चार समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए । प्रधानमंत्री ने एक संयुक्त वक्तव्य में कहा कि डॉक्टर रूहानी के साथ बातचीत में आपसी हितों से जुडे विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गयी । उन्होंने कहा कि दोनों देश आर्थिक विकास, ऊर्जा और सम्पर्क के क्षेत्र में परस्पर सहयोग को और मजबूत बनाने के इच्छुक हैं । आप की लीडरशिप और आप के विजन की स्पष्टता ने भारत ईरान संबंधों को और भी मजबूत करने में बहुत बड़ा योगदान दिया है । 2016 में मेरी ईरान यात्रा में हमने द्विपक्षीय सहयोग का एजेंडा तथा रोडमैप तय किया था । आपकी भारत यात्रा से हमारी साझेदारी बढ़कर सहयोग के नए और अधिक ऊंचे मुकाम पर पहुंची है । श्री मोदी ने कहा कि श्री रूहानी की यात्रा से भारत और ईरान के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती मिलेगी । उन्होंने कहा कि दोनो ही देश एक समृद्ध और आतंकवाद से मुक्त अफगानिस्तान देखना चाहते हैं । भारत और ईरान एक समान सूफी परम्परा से जुड़े हैं और चाहते हैं कि यह क्षेत्र आतंकवाद से मुक्त हो ।
भारत और ईरान दोनों देशों के लोग शांति और सहष्णुता के सूफी संदेश की साझा विचारधारा से जुड़े हुए हैं । हमारे साझा हितों को देखते हुए हम ऐसी ताकतों के विस्तार को रोकने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो आतंकवाद, उग्रवाद, अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी, साइबर क्राइम और विभिन्न स्वरूपों में अंतर्राष्ट्रीय संगठित अपराधों को बढ़ावा देती है । प्रधानमंत्री ने मध्य एशिया का स्वर्णिम प्रवेश द्वार माने जाने वाले चाबाहार बंदरगाह के विकास में सक्षम नेतृत्व प्रदान करने के लिए श्री रूहानी का आभार व्यक्त किया । चारों और जमीन से बंद अफगानिस्तान के लिए और मध्य एशिया क्षेत्र के गोल्डन गेटवे के तौर पर चाबहार पोर्ट को विकसित करने में आपने जो नेतृत्व प्रदान किया है उसके लिए मैं आपको बहुत बहुत बधाई देता हूँ । हम चाबहार जहीदान रेललाईन के विकास को समर्थन देगें ताकि चाबहार गेटवे की पूरी क्षमता का लाभ उठाया जा सके ।
अपने प्रेस वक्तव्य में ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि चाबाहार बंदरगाह से क्षेत्र में सम्पर्क को बढ़ावा मिलेगा । दोनों नेताओं ने आपसी और क्षेत्रीय स्तर पर सम्पर्क को बढ़ावा देने के लिए बहु मॉडल सम्पर्क व्यवस्था विकसित करने में भारत और ईरान की अनोखी भूमिका के महत्व को स्वीकार किया । दोनों पक्षों ने चाबाहार बंदरगाह के शाहिद बहिश्ती टर्मिनल का संचालन जल्दी शुरू करने के प्रति भी अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की । इससे पहले दिन में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने श्री रूहानी से मुलाकात की । सुबह श्री रूहानी का राष्ट्रपति भवन में परम्परागत ढंग से स्वागत किया गया । उन्होंने राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धाजंलि भी दी । ईरान के राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू से भी मुलाकात की । मुलाकात के दौरान आपसी हित के मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ । विदेश मंत्रालय में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और ईरान मामलों के संयुक्त सचिव डॉक्टर दीपक मित्तल ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत में क्षेत्र में शांति बनाए रखने के उपायों पर भी चर्चा हुई ।