रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने किया द्विवार्षिक सम्मेलन का उद्घाटन

रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारतीय नौसेना न केवल हिंद महासागर क्षेत्र के तटीय देशों, बल्कि विश्व के समुद्री राष्ट्रों के साथ सक्रिय सहयोग और संपर्क के जरिए राष्ट्रीय तथा विदेश नीति के लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कल नई दिल्ली में नौसेना के कमांडरों के चार दिन के द्विवार्षिक सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए रक्षामंत्री ने कहा कि 32 हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत की जहाज निर्माण परियोजनाओं के लिए निविदाएं जारी कर दी गई हैं और उन्हें अंतिम रूप देने के लिए आगे बढ़ा जा रहा है।

चार दिनों तक चलने वाले इस सम्‍मेलन के दौरान देश में नौवहन सुरक्षा और अभियान आधारित तैनाती के विश्‍लेषण जैसे व्‍यापक मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा देश की जलीय सीमाओं और उसके आसपास के क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्‍न रणनीतिक पहलुओं पर भी विचार मंथन किया जाएगा। पिछले वर्ष से नौसेना का ध्‍यान इस बात को लेकर केन्द्रित रहा है कि किस तरह नौसेना की लड़ाकू क्षमता को बढ़ाया जा सके और इसे हमेशा युद्ध के लिए चौकस रखा जा सके। इसके लिए नौसेना अपने 131 युद्धपोतों और पनडुब्बियों के बेड़े को हमेशा चुस्‍त-दुरूस्‍त रखने की कोशिश कर रही है।