मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए भारत अंतराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर निर्विवाद रूप से प्रतिबद्ध रहा है। नई दिल्ली में मानवाधिकार दिवस के अवसर पर आयोजित एक समारोह में उपराष्ट्रपति एम.वैंकेया नायडू ने कहा कि मानवाधिकार बिना किसी भेदभाव के सभी मनुष्यों को जन्मजात रूप से मिलते हैं । उन्होंने कहा कि भारत सभी प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार तथा अंतर्राष्ट्रीय श्रम समझौतों में हस्ताक्षर करने वाला देश रहा है। भारत अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार समझौतों पर हस्ताक्षर करने वाला देश है। इसके अलावा देश का संविधान एक मजबूत मानवाधिकार संरक्षण का ढांचा भी प्रदान करता है। यहां स्वतंत्र न्यायपालिका मीडिया और जागरूक नागरिक संगठन है जो राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग जैसे स्वतंत्र मानवाधिकार संगठनों के अंतर्गत मानवाधिकार संरक्षण के लिए मजबूत व्यवस्था प्रदान करते हैं जिससे संतुलन बना रहता है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि किसी भी तरह की हिंसा और हत्या मानवाधिकार उल्लंघन का सबसे खराब रूप है । उन्होंने कहा कि इससे उचित प्रक्रिया के जरिये निपटा जाना चाहिए।