कछौना, हरदोई। विकास खंड कछौना कार्यालय में गुरुवार को यूनिसेफ/वर्ल्ड विज़न संस्था द्वारा 36 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम में जिला परियोजना समन्वयक अभिषेक बर्नार्ड ने बताया कि यूनिसेफ एवं वर्ल्ड विजन इंडिया के सहयोग से आयोजित इस प्रशिक्षण में सैम बच्चों की पहचान एवं प्रबंधन, मातृ एवं नवजात शिशु सम्बन्धी पोषण ट्रैकर एप पर सूचनाओं की फीडिंग कर सैम बच्चों का सही पंजीकरण करना एवं सही जानकारी भरना अनिवार्य होगा तथा सामान्य, अल्पवजन, नाटापन और अति गम्भीर कुपोषित बच्चों के बीच के अंतर को समझाया। सभी आंगनबाडी केंद्र अपने क्षेत्रों को कुपोषण मुक्त बनाने व सामुदायिक स्तर पर बेहतर खान पान और काउंसिल के माध्यम से जागरूक करने के तरीकों से अवगत कराया। वहीं अति कुपोषित बच्चे जिनमें चिकित्सीय जटिलता पाई जाती है, उन्हे जल्द से जल्द पोषण पुनर्वास केंद्र पर भर्ती करवाना सुनिश्चित किया जाए। ऐसी कार्य प्रणाली पर ज़ोर दिया जा रहा है। गर्भवती महिला के लिए आयरन और कल्सियम क्यों ज़रूरी है, इस बात पर बहुत अच्छे से प्रकाश डाला।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में ब्लाक परियोजना समन्वयक प्रदीप सिंह द्वारा प्रशिक्षण की शुरुआत प्रतिभागियों को सैम बच्चो की समुदाय आधारित प्रबंधन व क्रियान्वयन पर चर्चा कर किया। प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया। इसके अंतर्गत ग्रोथ, मॉनिटरिंग, मशीनो का सही इस्तेमाल, पोषक खान पान एवं सैम बच्चो की देखभाल से जुड़े विभिन पहलुओं पर चर्चा की गयी। प्रतिभागियों ने भी ट्रेनिंग में काफी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया, क्यूंकि इन बिंदुओं में ऐसी बहुत सी दिक्कते थी। जिनका सामना उनको प्रतिदिन करना पड़ रहा था। इस प्रशिक्षण ने उनके लिए चीज़ो को और बेहतर ढंग से समझने का मौका दिया।
प्रशिक्षण की शुरुआत एवं अंत में एक प्री टेस्ट एवं पोस्ट टेस्ट करवाया गया। जिससे प्रशिक्षण ने उनकी जानकारी व कार्यक्षमता को कितना बेहतर बनाया, उसको समझा जा सके।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य सेविका राजेश्वरी ने जिला परियोजना समन्वयक अभिषेक बर्नार्ड (वर्ल्ड विज़न), प्रदीप सिंह को इतने महत्वपूर्ण विषय पर प्रशिक्षण का आयोजन करने के लिए धन्यवाद एवं एकीकृत बाल विकास परियोजना विभाग कछौना के साथ अच्छा समनव्य स्थापित करने के लिए बधाई दी।
रिपोर्ट – पी०डी० गुप्ता