रामू बाजपेयी :
- ऑनलाइन कवि सम्मेलन में बही काव्य की रसधारा
हरदोई- गुरुवार की शाम पाञ्चजन्य काव्य प्रसून समूह द्वारा एक ऑनलाइन कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें कई जनपदों व प्रदेश के कवियों ने ऑनलाइन प्रतिभाग करके अपनी अपनी कविता के माध्यम से ग्रुप में लोगों को आनंदित किया ।
कवि सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के फिल्म एक्टर व राइटर सुनील दत्त मिश्रा मौजूद रहे व विशिष्ट अतिथि के रूप में बालब्यास शिवानन्द भाई उर्वशी कर्णवाल जी बतौर संरक्षक मौजूद रहीं इसके अलावा राजश्री तिरविर विशेष काव्यपाठ के लिए मौजूद रहीं तथा मंच का संचालन कवि पुनीत शुक्ल के द्वारा किया गया ।
कवितापाठ का शुभारंभ कवयित्री मीना भट्ट के द्वारा माँ शारदे की वंदना से हुआ जिसे सुनकर मौजूद सभी श्रोता माँ शारदा की भक्ति में डूब गए । तदोपरांत एक के बाद एक कवि ने अपनी अपनी वाणी से श्रोताओं को काव्य की रसधारा सराबोर किया।
ऑनलाइन मौजूद कवियों में इंद्राणी साहू “सांची”, मनोज ‘मन’, अर्चना तिवारी ‘अभिलाषा’ मृत्युञ्जय देव शुक्ल ‘विकल’, डॉ प्रियंका त्रिपाठी,नित्यानन्द वाजपेयी ‘नीलकंठ उपमन्यु’, देवब्रत’देव’, डॉ.पवन कुमार पाण्डे, केवरा यदु’मीरा’ ,रमेश बोंगाले,अपराजिता सिंह ‘श्रेया’ ,सुशील कुमार यादव, देवकांत मिश्र, रवि सरोहा, आस्तिक शुक्ल आदि ने अपनी अपनी कविताएं प्रस्तुत की
ऑनलाइन मौजूद कवियों में नित्यानंद बाजपेयी के द्वारा ‘हे प्रिय तुम क्यों प्रणय पिक सी कुहुकती जा रही हो जानती रण भूमि में माँ भारती सहमी खड़ी हैं आज अरि ललकारता है फिर हिमालय कंदरा से और खप्पर ले उधर समरोद्यता चंडी अड़ी हैं’ । डॉ.प्रियंका त्रिपाठी ने मेरी नज़रों में तू ही बसता है ।
डॉ राजश्री तिरवीर ने सबके नयनों में बसे, मेरे राजा राम। वंदन उनको सब करें, लेकर प्रभु का नाम दोहे प्रस्तुत किये । इसके अलावा वाल कवि आस्तिक शुक्ल ने अपनी रचनाओं से जमकर वाहवाह बटोरी; तो कवि रवि सिरोहा ने जब अपना प्रेम से सराबोर गीत ‘मेरी भटकन को मंजिल भी मिल जायेगी, ज़िंदगी के सफ़र में चलो तो सही…’ प्रस्तुत किया तो ग्रुप में मौजूद सभी लोग प्रेम के रंग के रंगे प्रतीत हुए और उनके इस गीत जमकर सराहना की। अन्य कवियो ने भी अपनी अपनी रचनाओं से लोगों को आनंदित किया किसी ने अपनी रचनाओं के माध्यम से भगवान श्री राम का बन्दन किआ तो किसी ने देश भक्ति से ओत प्रोत रचनाएँ प्रस्तुत की।