अवनीश मिश्रा :
सत्ता में कोई भी पार्टी हो विपक्षी दलों का सत्ताधारी पार्टियों की कार्यप्रणाली पर आरोप लगाना तो राजनीति का धर्म बन गया है। विपक्षी दल सत्ताधारी पार्टियों पर आरोप ना लगाएं ऐसा हो ही नहीं सकता भले खुद के गिरेबान में कितने ही घोटाले और अपराधियों को छुपा रखा हो।
विकास दुबे के एनकाउंटर पर उत्तर प्रदेश की सियासत फिर से गर्म होने लगी उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश की पुलिस और योगी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए ट्वीट कर कहा कि “दरअसल ये कार नहीं पलटी है, राज़ खुलने से सरकार पलटने से बचाई गयी है ।”

आरोपों का सिलसिला यहीं नहीं थमा बसपा सुप्रीमो बहन कुमारी मायावती ने दो ट्वीट कर कानपुर कांड के साथ ही विकास दुबे को मध्यप्रदेश से वापस लाते समय हुए हादसे और विकास दुबे के एनकाउंटर की सुप्रीम कोर्ट से निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की । उन्होंने कहा कि कानपुर पुलिस हत्याकाण्ड की तथा साथ ही इसके मुख्य आरोपी दुर्दान्त विकास दुबे को मध्यप्रदेश से कानपुर लाते समय आज पुलिस की गाड़ी के पलटने व उसके भागने पर यूपी पुलिस द्वारा उसे मार गिराए जाने आदि के समस्त मामलों की माननीय सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। यह उच्च-स्तरीय जाँच इसलिए भी जरूरी है ताकि कानपुर नरसंहार में शहीद हुए 8 पुलिसकर्मियों के परिवार को सही इन्साफ मिल सके। साथ ही, पुलिस व आपराधिक राजनीतिक तत्वों के गठजोड़ की भी सही शिनाख्त करके उन्हें भी सख्त सजा दिलाई जा सके। ऐसे कदमों से ही यूपी अपराध-मुक्त हो सकता है।

दूसरी तरफ राहुल गांधी ने भी व्यंग्य भरे स्वर में एक शेर के माध्यम से ट्वीट कर बोला। “कई जवाबों से अच्छी है ख़ामोशी उसकी ,न जाने कितने सवालों की आबरू रख ली ।”

आरोपों की इस दौड़ में आम आदमी पार्टी विधायक संजय सिंह ने भी ट्वीट के माध्यम से अपने कहा कि “योगी सरकार आज भी सवालों के घेरे में है, सत्ता, अपराधी और पुलिस का गठजोड़ विकास दूबे को पैदा करता है वो तो मारा गया लेकिन सत्ता में बैठे लोगों और आपराधिक कृत्य में शामिल पुलिसवालों पर उठे सवालों का जवाब मिलेगा या विकास दूबे के साथ वो सवाल भी दफ़न हो जायेंगे?”
गिरफ्तारी के बाद कानपुर से पुलिस व एसटीएफ टीम विकास को सड़क मार्ग से शुक्रवार सुबह कानपुर ला ही रही थी की कानपुर पहुंचते ही भौंती हाईवे के पास पुलिस वाहन दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गया। हादसे में वाहन सवार अभियुक्त और पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस के अनुसार विकास दुबे को उज्जैन से सड़क के रास्ते कानपुर लेकर जा रही यूपी STF के काफिले की गाड़ी आज सुबह दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसी दौरान विकास दुबे ने घायल पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की। पुलिस टीम ने उसका पीछा कर उसे घेरकर आत्मसमर्पण करने को कहा गया, लेकिन वह नहीं माना और पुलिस टीम पर गोलियां चलाने लगा। पुलिस ने आत्मरक्षा में जबाबी फायरिंग की। इसके बाद विकास दुबे ने भागने की कोशिश की जिसके बाद पुलिस को गोली चलानी पड़ी जिसमें विकास दुबे शुक्रवार सुबह पुलिस एनकाउंटर में मारा गया।
