सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

अंतिम राह

जीवन की अंतिम राह में
न कोई अपना चलेगा न पराया।

जीवन की अंतिम राह में
न सिद्धियां काम आएगी न ऋद्धियां।

जीवन की अंतिम राह में
न कोई तंत्र चलेगा न मंत्र फिरेगा।

जीवन की अंतिम राह में
न कोई ह्रास होगा न प्रहास होगा।

जीवन की अंतिम राह में
न कोई खुशी होगी न गम होगा।

राजीव डोगरा
(युवा कवि व लेखक)
पता-गांव जनयानकड़
पिन कोड -176038
कांगड़ा हिमाचल प्रदेश