देख चुनाव उछाल है , सभी करे उत्पात ।
जोश भरे हर चाल में, सता भूख संताप ।
भूल चुके जो कर्म है , करे अनोखी बात ।
वोट चोट की मार से ,सभी सहे अनुताप ।।
नेता अब कहने लगे, सदा रहेगा साथ ।
भूल चूक सब माफ हो ,मित्र तुम्ही रघुनाथ ।
लो वादा तैयार हूँ, देने को मैं आज ।
वोट दिलाना शर्तिया, देवता जगन्नाथ ।।
देखा नहीं था आज तक , खड़े हमारे द्वार ।
धन्य हमारे भाग है, नेता जी अवतार ।
गोल गप्प मिश्री भरा, हँसता खिलता गाल ।
तौंद विराट कुरूप है, देख हुआ उद्धार ।।
पूछे सब का हाल है, कैसे हो भगवान ।
नाव हमारी तार लो , पैर धूल पहचान ।
काम बता सब ही करूँ, देना मत न फिजूल ।
सदा करेंगे आपका, पूरा सब अरमान ।।
गणतंत्र देश भावना, रखना सब हित ध्यान ।
बिका किसी जो लोभ में, खंडित होगा मान ।
योग्य उम्मीदवार हो , मिले सभी को काम ।
छोड़ सभी तैयार हो , करो सभी मतदान ।।
छगन लाल गर्ग विज्ञ
