मतदान गीत
बढ़ाकर हम कदम अपने ,चलो मतदान कर आएं।
लेकर साथ सबको हम,खुशी से झूम कर गाएं।।
दुनियां के भले ही काम ,कितने भी जरूरी हो।
मगर सब काम हो पीछे ,पहले मतदान कर आएं।।
होती है जीत और हार, केवल एक ही मत से।
बड़ा ही कीमती होता है मत सबको ये समझाएं।।
जगाएं हम अलख फिर से, चुनावी गीत भी गाएं।
उनतीस अप्रैल के दिन चलो हम वोट दें आएं।।
जो भाई चल नहीं सकते , उनकी भी मदद कीजै।
बैठाकर ट्राइसाइकिल पर, उन्हें मतदान करवाएं।।
कवि राजेश पुरोहित
98,पुरोहित कुटी,
श्रीराम कॉलोनी
भवानीमंडी
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