पंकज चतुर्वेदी –
जैसे-जैसे पकड़ तुम्हारी
सख़्त होती है
कश्मीर छूटता जाता है
जिनकी हथियार में आस्था है
वे समझ नहीं पाते
कि प्यार का विकल्प नहीं है
तुम उनसे अलग नहीं हो
तुम नहीं जानते
कि देश का मतलब
रक़्बा नहीं अवाम है
बांग्लादेश भी बना
तो वहाँ के नागरिकों की चाहत से
सेना के पराक्रम से नहीं
मैं तुमसे पूछता हूँ
कि अवाम को तबाह करके
क्या तुम पा लोगे देश को ?
क्या चीन ने
तिब्बत को पा लिया है ?