कौशांबी : जन अधिकार पार्टी के दो दिवसीय कार्यक्रम में चायल, मंझनपुर व सिराथू विधानसभाओं के भरवारी, रोही, दरवेशपुर, छिताहर्रायपुर, भैसहापर, ओसा, चपरी आम में कार्यक्रम आयोजित किया गया । मुख्य अतिथि ओम प्रकाश वर्मा प्रदेश महासचिव विधि प्रकोष्ठ, मुख्य अतिथि चंद्रसेन पाल प्रदेश उपाध्यक्ष विधि प्रकोष्ठ साथ में मौजूद रहे ।
जिला मीडिया प्रभारी कमलेश मौर्य, जिला अध्यक्ष शिव भवन कुशवाहा, जिला महासचिव इंद्राज कुशवाहा, जिला सचिव सोनू कुशवाहा, करण सिंह मौर्य, मंडल सचिव व मुख्य अतिथि ने लोग को बताया कि जन अधिकार पार्टी “जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी हिस्सेदारी” की विचारधारा को लेकर प्रदेश में अपना कार्य कर रही है । त्रिस्तरीय चुनाव की भी चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जन अधिकार पार्टी पूरे प्रदेश में जिला पंचायत सदस्य के प्रत्याशी उतारने का काम करने जा रही है और उसके बाद 2022 में जन अधिकार पार्टी एवं भागीदारी संकल्प मोर्चा के जो भी घटक दल है उनके साथ मिलकर पूरे प्रदेश में चुनाव लड़ेगी । लोग को बताते हुए कहा कि अगर हम सरकार में आते हैं तो शिक्षा एक समान होगी, चाहे सरकारी स्कूल हो या प्राइवेट व कॉन्वेंट स्कूल हो, सारी पुस्तक एक समान होगी । महंगाई पर नियंत्रण किया जाएगा ताकि लोगों को महंगाई का सामना ना करना पड़े । सरकारी अस्पतालों में इलाज की अच्छी व्यवस्था और दवाओं की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी ।
कक्षा 1 से लेकर ग्रेजुएशन तक निश्शुल्क शिक्षा दी जाएगी । चाहे सरकारी कंपनी हो या प्राइवेट कंपनी हो रोजगार का सभी के लिये अवसर होगा । जो नवयुवक लड़के और लड़कियां बेरोजगार घूम रहे हैं उन्हें रोजगार के अवसर दिये जाएंगे । इसी को लेकर जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबू सिंह कुशवाहा ने बीड़ा उठाया है कि जन अधिकार पार्टी की सरकार बनती है तो प्रदेश में आए दिन किसानों पर गरीबों पर बढ़ रहे अत्याचार को रोकने का काम करेगी । देश हो या प्रदेश हमारी बहन बेटियां सुरक्षित नहीं है। लूटपाट हत्या बलात्कार जैसी घटनाएं इस वर्तमान सरकार में होती रही और वर्तमान सरकार देश को बेचने का काम कर रही है । सारी संपत्तियों का निजीकरण करने का काम किया जा रहा है जिससे भुखमरी पैदा होगी और रोजगार का अवसर बंद करने का काम किया जा रहा है । यह वर्तमान सरकार पूंजीपतियों की कठपुतली बनकर रह गई है। यह हमारे देश का बहुत दुर्भाग्य है। कभी भारत देश सोने की चिड़िया के नाम से जाना जाता था आज पूंजीपतियों के नाम से जाना जा रहा है।