रेलवे स्टेशन से माया नगरी तक रानू मण्डल का सफरनामा

राजेश कुमार शर्मा “पुरोहित” कवि, साहित्यकार

कला अपना असर जरूर बताती है। कला सभी को अपनी ओर प्रभावित करती है। आज हम इस लेख में ऐसी ही कला की धनी रेनू मण्डल के गायिकी के शौक के सफरनामे को आपके मध्य रखते हैं।

रानू मण्डल का नाम आज आपने फेसबुक व्हाट्सएप्प यू ट्यूब में जरूर देखा होगा। सोशल मीडिया में आज एक ही नाम चर्चित है रानू मंडल। यह भिखारी के रूप में रेल के डिब्बों में अपनी गायिकी के दम पर भीख मांगकर अपना पेट पालती थी।कोलकाता के रेल्वे स्टेशन पर गाना गाती रेनू मण्डल आज सेलिब्रेटी है। वह आज माया नगरी मुम्बई पहुँच चुकी है। आप सोच रहे होंगे यह सब कैसे हुआ। तो पढ़िए पूरी स्टोरी। बंगाल में नडिया जिले की राणा घाट जंक्शन की रहने वाली है रानू मंडल। ये पहले मुम्बई रहती थीं इनका विवाह बाबुल मण्डल के साथ हुआ था। अपने पति के निधन के बाद ये मुम्बई से कोलकाता आ गई। इनकी जिन्दगी दुखों से भरी थी। इनकी एक बेटी साथी राय भी इन्हें दस साल पहले छोड़ कर चली गई थी। वह बेटी इनसे दस साल तक संपर्क में नहीं रही।

रानू मण्डल जब बीस वर्ष की थी जब क्लब में गाना गाती थी। तब इनका नाम रानू बॉबी था। घर वालों को क्लब में गाना पसंद नहीं था तो गाना छोड़ दिया। समय बदला पति के निधन के बाद ये रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की बोगियों में गाना गाती भिक्षा माँग कर पेट भरती।

एक दिन अतींद्र चक्रवर्ती ने इन्हें लता मंगेशकर का गाना गाते हुए सुना तो दो मिनिट का वीडिओ बनाकर इन्होंने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट कर दिया। यह विडीओ सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। यह विडीओ इन्होंने 21 जुलाई को बनाया था।

स्टेशन पर गाना गाने वाली रानू के फेसबुक सहित सोशल मीडिया पर कई दोस्त बन गए। उनकी आवाज़ के लोग दीवाने हो गए। “एक प्यार का नगमा है मौजो की रवानी है, जिन्दगी ओर कुछ भी नहीं तेरी मेरी कहानी है”। गाने ने उन्हें रेलवे स्टेशन से माया नगरी मुम्बई पहुंचा दिया।

ताज्जुब तो इस बात का है सुपर स्टार रानू के पास अपना मोबाइल भी नहीं था। दूसरे के मोबाइल पर रिकॉर्ड आवाज ने उन्हें फर्श से अर्श तक पहुंचा दिया। जब यह विडीओ संगीतकार हिमेश रेशमिया जी ने देखा तो उन्हें टी वी रियलिटी शो में गाने का अवसर दिया। वॉलीवुड डायरेक्टर रेशमिया जी ने गीत तेरी मेरी कहानी स्टूडियो में रानू मण्डल का रिकॉर्ड कराया। निकली थी रोटी कमाने रातों रात सुपर स्टार बन गई। फिल्मों में गाने का इन्हें ऑफर मिल रहा है।आज रानू सिनेमा घर, रेडियो टी वी मोबाइल में सब मे दिख रही है। इस साल की ये आश्चर्यजनक घटना ये बताती है कि हमे कोई आगे नहीं बढ़ाता। सिर्फ हमारा हुनर ही हमें आगे बढ़ाता है। आओ अपने भीतर छुपी कला पहचाने। इनके प्रसिद्ध होते ही इनकी बेटी भी इनसे मिलने आ गई। सारे रिश्तेदार मिलने आ गए।

रानू मण्डल को आज बंगाल लोकल क्लब फ़िल्म प्रोडक्शन हाउस मुम्बई रेडियो स्टेशनों से ऑफर मिल रहे हैं। अमिताभ बच्चन, सलमान खान,हिमेश रेशमिया से मिल चुकी है। वॉलीवुड फिल्मों भोजपुरी फिल्मों में गाने का ऑफर रानू को मिल रहा है। सिने जगत के निर्माता इनसे संपर्क कर रहे हैं।
गाना गाने का जज्बा व उनकी मधुर आवाज से फ़िल्म इंडस्ट्री को दूसरी लता मिल गई। उनके पड़ोसी तपन दास ने भी पहले उनके गाने का विडीओ बनाया था। रानू मण्डल के दो मिनिट के वायरल विडीओ नेे इंटरनेट पर यूजर्स को फ्रेंड बना दिया।

5 नवम्बर 1967 को जन्मी रेनू मण्डल पिंकसाडी में बड़ी सादगी से रहती है। चक्रवर्ती जी उनके साथ कार्यक्रमों में रहते है। गुमनामी की जिंदगी जीने वाली रानू आज वॉलीवुड में छा गई।

श्रीराम कॉलोनी भवानीमंडी