भाई के स्थान फर्जी व्यक्ति को खड़ा करके कराया फर्जी बैनामा

पीड़ित ने चार नामजद व एक अज्ञात के विरुद्ध दर्ज कराया गंभीर धाराओं में मामला

Corruption Feature IV24

कछौना, हरदोई। उप निबंधन (रजिस्ट्रार) कार्यालय संडीला में सगे भाई के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा करके सगे भाई ने फर्जी बैनामा कराया है। खतौनी निकालने पर भाई को हुए पूरे फर्जीवाड़े मामले की जानकारी हुई, पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली संडीला में चार लोग सहित एक व्यक्ति अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया।

मिली जानकारी के अनुसार कोतवाली कछौना के निवासी किसान गुरूबक्स पुत्र छोटेलाल निवासी ग्राम धंधार मजरा कामीपुर कछौना के सगे भाई पूर्व कोटेदार रामवीर ने कृषि भूमि गाटा संख्या 1085, 1156, 1366, 1589, 1590 की लगभग 15 बीघा भूमि अपने सगे भाई गुरबक्स के स्थान पर फर्जी व्यक्ति को खड़ा करके तीन माह पूर्व उप निबंधन कार्यालय संडीला में अपने नाम बैनामा करा ली। पीड़ित किसान को आवश्यक कार्य हेतु खतौनी निकालने पर फर्जी बैनामा की जानकारी हुई, वह हतप्रभ रह गया। तीन माह की अवधि बीत जाने के कारण दाखिल खारिज हो चुकी हैं। राजस्व विभाग बिना कोई सूचना दिए भूमि को अभिलेखों में दर्ज कर दी हैं, नियमानुसार क्रेता व विक्रेता दोनों व्यक्तियों को लिखित रूप से सूचना किया जाता है। राजस्व कर्मी की स्थली रिपोर्ट के आधार पर दाखिल खारिज होती है। यह सब कार्य गोपनीय तरीके से किए गए हैं। 

पीड़ित किसान ने पूरे मामले की शिकायत शासन प्रशासन से की है। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर चार नामजद गवाह बांकेलाल पुत्र उमराय निवासी धंधार व शोभित पुत्र किशन निवासी बिराहिमपुर मिश्रिख जनपद सीतापुर (गवाह) व अधिवक्ता मोहम्मद जकी तहसील संडीला, क्रेता रामवीर पुत्र छोटेलाल निवासी धंधार व एक व्यक्ति अज्ञात फर्जी विक्रेता के विरुद्ध कोतवाली संडीला में अपराध संख्या 0243/2023 धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120बी० के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। रजिस्टर ऑफिस सण्डीला में इस तरह के मामले से भ्रष्टाचार उजागर हुआ है, जबकि योगी सरकार जीरो टॉलरेंस पर कार्य कर रही है। 

मिली जानकारी के अनुसार रजिस्टार ऑफिस में निर्धारित फीस से ज्यादा धनराशि वसूली जाती है। जिसकी कोई रसीद नहीं दी जाती है। बिना सुविधा शुल्क के रजिस्टर कार्यालय में कार्य नहीं होता है, प्रतिदिन लाखों की वसूली होती है। नाम न छापने की शर्त पर विभागीय कर्मी बताते हैं कि वसूली का हिस्सा ऊपर तक जाता है, इस प्रकार से कई लोगों पर गाज गिर सकती है।

रिपोर्ट – पी०डी० गुप्ता