इज्जत तो तभी बनेगी जब आप माँ-बहनों का सम्मान करना समझ लेंगे

प्रद्युम्न दीक्षित- 


उस समाज में महिलाओं का सम्मान कैसे बढ़ सकता है जहाँ आज भी दो पुरुषों की लड़ाई में गालियां माँ-बहनों को दी जाती हैं । इंसान के अंदर की इन्सानियत मर चुकी है । आज इंसान ये भी नहीं सोचता कि हम जिस माँ – बहन को गाली दे रहे हैं वो भी हमारी तरह किसी की माँ-बहन है । क्योंकि मैं शुरू से देखता हुआ आ रहा हूँ कि जरा सा विवाद होने पर लोग माँ – बहन की गालियां निकालने लगते हैं । अरे कुछ तो शर्म करो ! हम आपस की लड़ाई में माँ-बहनों को क्यों खीचते हैं ? ज़िन्दगी एक मेला है । जहाँ हम मेला देखने के लिए आते हैं और समय खत्म होने पर हम वापस चले जाते हैं । जब हमें इस मेले में हमेशा के लिए रुकना ही नहीं है, तो हम आपस मे वाद- विवाद क्यों करते हैं और अगर करते भी हैं तो हम माँ-बहनों को क्यों गालियां निकालते हैं ? विवाद करते समय एक बार यही सोच लिया करें कि वो गाली हम उसकी माँ – बहन को नहीं बल्कि अपनी माँ-बहन को दे रहे हैं । आज कल के इंसान अपनी इज्ज़त बनाना चाहते हैं । नाम कमाना चाहते हैं । लेकिन इज्जत तो तभी बनेगी जब आप माँ-बहनों का सम्मान करना समझ लेंगे । हमारे देश को बढ़ाना है, आगे ले जाना है, तो हर इंसान को पहले माँ – बहनों का सम्मान करना सीखना होगा । सिर्फ अच्छे कपड़े पहन लेने से कोई इंसान अच्छा नहीं बन जाता है । मन में अच्छे विचार भी होने चाहिए । किसी को ये ना दिखाओ कि मैं अच्छा हूँ बल्कि अपने अंदर इंसानियत बनाये रखो । सभी देश वासियों से हाथ जोड़कर विनती करता हूँ कि हर महिला का सम्मान करो, उनको इज्जत दो ।

देश की हर माँ और बहनों को मेरा प्रणाम।।