जिलाधिकारी ने की विकास कार्यों की समीक्षा

बदायूँ: डीएम ने जिला स्तरीय अधिकारियों एवं खंड विकास अधिकारियों को हिदायत दी है कि अप डाउन की परंपरा तत्काल समाप्त करें । जिला स्तरीय अधिकारी जिला मुख्यालय और बीडीओ ब्लॉक मुख्यालय पर ही रुकें। अपने दायित्वों के निर्वहन पर ध्यान देते हुए एवं विकास कार्य में प्रगति करते हुए लक्ष्य पूरा करें। जिन ब्लॉकों में आवास मरम्मत योग्य हैं उनकी क्षेत्र पंचायत निधि से मरम्मत करा ली जाए।

शुक्रवार को कलक्ट्रेट स्थित अटल बिहारी वाजपेई सभागार में जिलाधिकारी कुमार प्रशांत ने मुख्य विकास अधिकारी निशा अनंत व अन्य अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने पाया कि आजीविका मिशन अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष में स्वयं सहायता समूह गठित कर उनके खाते खुलवाए जा चुके हैं। तीन माह बाद रिवाल्विंग फंड देने की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। निर्देश दिए कि मनरेगा के तहत सभी ग्राम पंचायतों में तालाब खुदवाए जाए, जिन स्थानों पर तालाब खुदाई का कार्य किया जाएगा, उसकी गाटा संख्या सहित सूची उन्हें उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि जनपद मलेरिया ग्रसित जिला है, इसलिए सुनिश्चित करें कि गांव में जलभराव की समस्या ना हो, नाले नालियों की साफ-सफाई करा ली जाए। जिन हैंडपंपों का पानी नाली में नहीं जाता हो वहां सोख्ता गड्ढा बनाया जाए। हर गांव सभा में खाद्यान्न योजना अंतर्गत पात्र एवं पात्रों का चयन करें और गांव सभा की खुली बैठक में उसका सत्यापन करने के पश्चात सूची से अपात्रों के नाम काटकर पात्रों के नाम जोड़े जाएं। राशन की सभी दुकानों पर इलेक्ट्रिक कांटा उपलब्ध रहे। किसी राशन की दुकान पर घटतौली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

गांव में जगह-जगह घूरा कूड़ा पड़ा होने से गंदगी के कारण बीमारियां जन्म लेती हैं। बीडीओ चहारदीवारी बनवाकर उसमें गांव वालों का घूरा डलवाना सुनिश्चित करें और उसमें केंचुआ डलवा दें जिससे उसकी खाद बन सके।