श्रीमद्भागवत कथा से पूर्व नगर में निकाली गई कलश यात्रा

दीपक कुमार श्रीवास्तव-

कछौना (हरदोई) – कस्बा कछौना में रामेश्वर सेवादार समिति के द्वारा आयोजित, रविवार रात्रि से आरंभ होने वाली सात दिवसीय श्रीमदभागवत कथा से पूर्व रविवार को श्रद्धालुओं द्वारा नगर कछौना में भव्य कलश यात्रा निकाली गई ।

श्रद्धालुओं द्वारा हाथों में लाल पताका लिए व माथे पर चुनरी बांधकर मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा के साथ शुरू हुई कलश यात्रा कस्बे के पुरानी बाजार स्थित भगवान शिव के प्राचीन रामेश्वरम मंदिर से प्रारंभ होकर के नगर के प्रमुख मार्गों से बाबा कुशीनाथ मंदिर होकर गंतव्य स्थान लौटकर समाप्त हुई। कलश यात्रा के दौरान महिलाएं भक्ति गीतों की धुनों व ढोल नगाड़ो पर झूमते सिर पर कलश धारण करते हुए चली वही कई पुरुष श्रद्धालु और बच्चे डीजे की धुन पर थिरकते नजर आए। इस दौरान भक्तों द्वारा लगाए गए जय माता दी के जयकारों से समूचा वातावरण भक्तिमय हो गया। नगर में कलश यात्रा का जगह-जगह लोगों ने स्वागत किया। कथा स्थल पर मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा व कलश की विशेष पूजा अर्चना के बाद स्थापना की गई।

आयोजक समिति के सदस्य प्रियांशु गुप्ता ने बताया कि कथा प्रत्येक दिन दोपहर दो से पांच व रात्रि सात से दस बजे तक चलेगी। 5 सितंबर को श्रीमद्भागवत कथा का समापन होगा।6 सितंबर को महायज्ञ, 7 सितंबर को मूर्ति विसर्जन और 8 सितंबर को भंडारे का आयोजन होगा।

कथावाचक ने बताया श्रीमद्भागवत कथा का महत्व

रामेश्वरम मंदिर पर शुरू हुई सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन जनपद उन्नाव से आए कथावाचक पंडित पीयूष बाजपेई महाराज ने राजा परीक्षित की कथा सुनाई और श्रीमद् भागवत कथा का महत्व बताते हुए कहाकि हर किसी को इसका श्रवण करना चाहिए। श्रीमद् भागवत कथा सुनने से लोगों का मन शुद्ध होता है। उन्होंने कहाकि भगवान से प्रेम करने वालों को कभी कष्ट की अनुभूति नहीं होती। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति की गंगा में डुबकी लगाते रहे।