Ram Vashishtha-
आपको चार्ली हैब्दो याद हैं या भूल चुके हैं ? दरअसल इस्लाम धर्म के पैगंबर मुहम्मद साहब ने मुसलमानों को चित्र बनाने की मनाही की थी और उनका कोई चित्र उपलब्ध नहीं है । हालांकि मुस्लिम फिल्म अभिनेता बहुत हैं और आज के समय में कोई भी मुस्लिम चित्र नहीं बनवाने की पाबंदी को निभा नहीं सकता है , लेकिन फिर भी जब फ्रांसीसी पत्रिका चार्ली हैब्दो ने मुहम्मद साहब का एक कार्टून आतंकवाद पर कटाक्ष करते हुए छाप दिया तो पत्रिका के कार्यालय पर हमला करके बहुत सारे पत्रकारों को मौत के घाट उतार दिया गया था ।
आखिर मैं यह सब क्यों बता रहा हूँ ? क्योंकि 20 साल से आशू भाई गुरूजी के नाम से आसिफ खान चमत्कारी बाबा बनकर अपना धंधा चला रहा था । आसिफ खान और उसका बेटा सिराज खान बलात्कार के आरोपी हैं । आखिर कैसे एक मुस्लिम हिन्दू धर्म को इस तरह बदनाम कर सकता है ? इतना सब कुछ हो गया और हिन्दूओं की कोई प्रतिक्रिया नहीं है अब तक । अगर मुस्लिम समुदाय के साथ ऐसा होता तो अब तक हर राजनीतिक दल और दुनिया भर के मुस्लिम संगठन हो हल्ला करके आसमान सिर पर उठा लेते और मरने मारने पर उतारू हो जाते ।जबकि हिन्दू समुदाय है कि चुप बैठा है । आखिर ये हिन्दू समुदाय की सहिष्णुता है या हिन्दू समुदाय वास्तव में डरपोक हो चुका है ? मैं नहीं कहता कि चार्ली हैब्दो के जैसा किया जाए , या खून बहाया जाये , लेकिन विरोध तो हर हाल में किया जाना चाहिए । शांतिपूर्ण और पुरजोर विरोध भी नहीं हो रहा है । हिन्दू समुदाय सो रहा है क्या ?