फ़ोटो में झारखंड के दुमका में एक हिंदू किशोरी की नृशंस हत्या करने वाले इस मजहबी नराधम के चेहरे पर पुलिस की कस्टडी में भी विजयी और कुटिल मुस्कान इसलिए है क्योंकि:-
- इसे पता है कि कोई सेक्युलर चैनल ‘शाहरुख’ को ‘अभिषेक’ साबित कर देगा।
- कोई निष्पक्ष पत्रकार इसे शाहरुख कहने के बजाय सिर्फ सिरफिरा कहेगा।
- कोई लिबरल खबरंडी इसके अब्बा को गरीब मास्टर और इसकी अम्मी को बीमार बता देगा।
- कोई तोतला नेता इसे-” लड़कों से गलती हो जाती है”- कहकर अभयदान दे देगा ।
- कोई कठपुतली नेता- “इस देश के संसाधनों पर अल्पसंख्यकों का पहला हक” बता कर इसके जैसे पिशाचों के जेहादी मंसूबों को और हवा देगा।
- कोई इसकी कौम का डरा हुआ डीएसपी नाबालिग लड़की को बालिग साबित कर देगा।
- कोई न्याय देने वाला इस जघन्य अपराध के लिए नूपुर शर्मा या टी राजा सिंह को जिम्मेदार ठहरा देगा।
- किसी प्रदेश का कोई कट्टर ईमानदार मुख्यमंत्री इसके पुनर्वास के लिए सिलाई मशीन खरीद रहा होगा।
- कोई मुख्यमंत्री पीड़िता की मौत के समय पिकनिक मनाते हुए सेल्फी ले रहा होगा और सीटी बजा रहा होगा।
- सेकुलरिज्म की बहुत बड़ी कीमत चुका रहे हैं हम! JusticeForAnkita
(विनय सिंह बैस)