श्री राम कथा में महकी रसखान परंपरा की खुशबू

         पिहानी– बखरिया में आयोजित 51 कुंडीय गायत्री महायज्ञ में रविवार सायंकाल संगीतमय श्रीराम कथा के कार्यक्रम में सौहार्द के स्वर गूंजे।
         रसखान परंपरा की खुशबू से पंडाल उस समय महक उठा। जब कथा का रसपान कर रहे मुश्लिम श्रोताओं रिजवान अहमद, सज्जाद खां, डॉ. नईम, हाफिज, अबरार पर मंच से पुष्प वर्षा करके उनका सम्मान किया गया। विशिष्ट अतिथि श्रीकृष्ण शास्त्री का भी सम्मान किया गया। दूसरी ओर भाई चारे का माहौल कुछ ऐसा बना कि टोली नायक श्यामवीर सिंह को रसखान शोध संस्थान की ओर से उत्तरीय भेंट कर उनका सम्मानित किया गया। उन्हें रसखान प्रतिभा सम्मान से अलंकृत किया गया। उन्हें ये जानकर बेहद प्रसन्नता हुई कि रसखान का जन्म पिहानी में हुआ था। बृज क्षेत्र के मूल निवासी कथावाचक ने कहाकि उनका गांव बृज क्षेत्र में है और रसखान की समाधि पास ही में बनी हुई है, वे जब भी वहां जाते हैं उनकी समाधि पर माथा जरूर टेकते हैं। उन्होंने गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा जी जन्मभूमि आवंलखेड़ा में बिताए हुए समय के कई संस्मरण सुनाए। कहाकि आवंलखेड़ा में गुरुदेव के जन्मस्थल पर मुख्य सेवक एक मुसलमान ही था, गुरुदेव ने ये नारा दिया था, मानव मात्र एक समान, जाति-धर्म सब एक समान, ईश्वर ने इंसान बनाया, भेदभाव किसने उपजाया।