कोथावाँ प्रा०वि० का हाल, बच्चों को दूध और फल नहीं दे रहे जिम्मेदार

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

September 11, 2021 0

••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••◆ प्रश्न– निम्नांकित वाक्यांशों में से कौन-से शुद्ध हैं, उन्हें यहाँ लिखें/टंकित करें?१- संवेदनाओं को तीव्रतर से तीव्रतर अनुभव।२- प्रेमचन्द्र के सर्वश्रेष्ठ कहानियां।३- संकल्पों को लेनी हैं।४- चक्रवाती तूफानों का भारी आतंक।५- साहित्य की निर्माण, […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

September 6, 2021 0

◆ निम्नांकित वाक्यों/वाक्यांशों को शुद्ध करें :–१- फुलों का विकसित होने से।२- गाड़ी से तीन सवारी गिरा।३- शपथनी का कथन।४- पौधरोपण की।५- उसने श्राप दी।६- महिला कार्यकर्ता आते। शुद्ध उत्तर हैं :–(१) कलियों के विकसित […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

August 7, 2021 0

——० संरचना-पक्ष ०—– ★ रचना— किसी भी उस पद्य अथवा गद्य-कृति को ‘रचना’ कहते हैं, जिसका प्रवाह नैसर्गिक होता है और सर्जन करने के लिए किसी का आश्रय नहीं लेना पड़ता। ★ लेख— किसी विषय […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

July 13, 2021 0

••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••शब्दविचार••••••••••••••• परम–१- किसी क्षेत्र में सर्वाधिक उन्नत, सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण।२- किसी दिशा अथवा सीमा में अग्रसर (सबसे आगे बढ़कर चलनेवाला)।३- जिसके हाथों में सम्पूर्ण शक्ति हो (शक्तिमान्)इनके अतिरिक्त मुख्य; आदिम को भी ‘परम’ कहते हैं।उदाहरण के […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

July 3, 2021 0

टी० ह्वी० पर विद्यार्थियों को शिक्षित करने के उद्देश्य से ‘किशोर-मंच’ नामक एक ‘चैनल’ संचालित किया जाता है। आज (३ जुलाई) ‘किशोर-मंच’ चैनल पर रात्रि ११ बजे एक शिक्षक कक्षा नौ की पुस्तक स्पर्श, पाठ […]

‘भाषा की पाठशाला’ के अन्तर्गत डॉ. पृथ्वीनाथ पाण्डेय से पूछें शब्दार्थ

June 18, 2019 0

‘दैनिक जागरण’ की ‘शनिवासरीय’ प्रस्तुति ‘भाषा की पाठशाला’ में हम ‘दो शब्दों’ पर सम्यक् रूपेण विचार करते हैं और अन्त में उन शब्दों के प्रति अपनी पाठक-पाठिकाओं को जागरूक करते हैं, जो अनभिज्ञता के कारण […]